के सब कुछ अब लकीराँ लिरिक्स (Ke Sab Kuchh Ab Lakeeraan Lyrics in Hindi) पढ़ें। Asees Kaur और Devender Pal Singh का भावुक गीत, जो रिश्तों, किस्मत और अकेलेपन की कहानी कहता है। पूरे बोल, अर्थ और वीडियो देखें।
Ke Sab Kuchh Ab Lakeeraan Lyrics in Hindi – Full Song Lyrics (के सब कुछ अब लकीराँ)
नाल नाल रहि के वी दूर दूर रहिणा
खुल के ना कुछ कहि पावां
या ते चुप रहिणा
या ते कौड़ा कहिणा
गल्ल कोई मिठ्ठी ना सुनावां
ओ उसनू मनावां या खुद नू मनावां
किस्मत नू कैसे समझावां जावां
के सब कुछ अब लकीरां, अब लकीरां
लकीरां ते छड्ड दे
लकीरां ते छड्ड के जावां रे
के सब कुछ अब लकीरां, अब लकीरां
लकीरां ते छड्ड दे
लकीरां ते छड्ड के जावां रे
ओ दिन कट्ट जान फेर रातें शुरू
और रातां च घर विच कल्ले फिरूं
मैं फिरूं, मैं फिरूं
ओ खुद नाल दिन भर गल्लां करूं
और किसी दे वी नाल ना हस के मिलूं
ना मिलूं, ना मिलूं
हो अक्ख बंद करके हंजू छुपावां
किस्मत नू कैसे समझावां जावां
के सब कुछ अब लकीरां, अब लकीरां
लकीरां ते छड्ड दे
लकीरां ते छड्ड के जावां रे
के सब कुछ अब लकीरां, अब लकीरां
लकीरां ते छड्ड दे
लकीरां ते छड्ड के जावां रे
के सब कुछ अब लकीरां, अब लकीरां
लकीरां ते छड्ड दे
लकीरां ते छड्ड के जावां रे
के सब कुछ अब लकीरां, अब लकीरां
लकीरां ते छड्ड दे
लकीरां ते छड्ड के जावां रे
गीतकार: सिद्धांत मागो
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About Ke Sab Kuchh Ab Lakeeraan (के सब कुछ अब लकीराँ) Song
यह गाना "Ke Sab Kuchh Ab Lakeeraan" फिल्म "Haseen Dillruba" से है, जिसमें Taapsee Pannu, Vikrant Massey और Harshvardhan Rane मुख्य भूमिका में हैं। इस गाने को Asees Kaur और Devender Pal Singh ने अपनी आवाज़ दी है, जबकि music composer Amit Trivedi हैं और lyricist Siddhant Mago हैं। T-Series के इस track के बोल पंजाबी और हिंदी के मिश्रण में लिखे गए हैं, जो दिल के गहरे एहसासों को छूते हैं।
गाने के बोल में "नाल नाल रहि के वी दूर दूर रहिणा" जैसी लाइनें बताती हैं कि पास रहते हुए भी कितनी दूरी महसूस होती है। "खुल के ना कुछ कहि पावां, या ते चुप रहिणा, या ते कौड़ा कहिणा" से पता चलता है कि सीधे कुछ कहना मुश्किल है और कड़वी बातें या चुप्पी ही बचती है। यह गाना रिश्तों की उलझन, फैसलों की असहजता और किस्मत को समझाने की कोशिश को बहुत खूबसूरती से पेश करता है।
"के सब कुछ अब लकीरां, लकीरां ते छड्ड दे" — इस लाइन में इंसान यह कहता है कि अब सब कुछ लकीरों (किस्मत या हालात) पर छोड़ दिया है और वो उन्हीं लकीरों पर चलने या छोड़ने को तैयार है। इसके बाद "ओ दिन कट्ट जान फेर रातें शुरू, और रातां च घर विच कल्ले फिरूं" से अकेलेपन और दिनों की थकान को दर्शाया गया है। गाने में "अक्ख बंद करके हंजू छुपावां" जैसे भाव यह बताते हैं कि अपनी भावनाओं को छुपाना और समाज या अपनी किस्मत को समझाना कितना मुश्किल है। यह गीत हर उस शख्स के दिल को छू जाता है जो प्यार, अकेलेपन या किस्मत की लकीरों से जूझ रहा है।
Song Details
| Song | Ke Sab Kuchh Ab Lakeeraan |
|---|---|
| Album | Haseen Dillruba |
| Singer | Asees Kaur , Devender Pal Singh |
| Lyricist | Siddhant Mago |
| Composer | Amit Trivedi |
| Release Date | 2 July 2021 |
| YouTube Video | Watch on YouTube |
Frequently Asked Questions
Who sang the song "Ke Sab Kuchh Ab Lakeeraan"?
The song was sung by Asees Kaur and Devender Pal Singh.
Who wrote the lyrics of "Ke Sab Kuchh Ab Lakeeraan"?
The lyrics were written by Siddhant Mago.
Who composed the music for "Ke Sab Kuchh Ab Lakeeraan"?
The music was composed by Amit Trivedi.
Which album is "Ke Sab Kuchh Ab Lakeeraan" from?
The song is from the album "Haseen Dillruba".
When was "Ke Sab Kuchh Ab Lakeeraan" released?
The song was released on 2 July 2021.