गुस्ताख मौसम - फीमेल लिरिक्स (Gustakh Mausam - Female Lyrics in Hindi) – Vibha Saraf | Nail Polish

गुस्ताख मौसम - फीमेल लिरिक्स (Gustakh Mausam - Female Lyrics in Hindi) पढ़ें। Vibha Saraf की मधुर आवाज़ में Nail Polish का रोमांटिक फीमेल वर्जन। पूरे हिंदी बोल, आसान अर्थ, गाने की जानकारी और वीडियो देखें।

Gustakh Mausam - Female Song Poster from Nail Polish

Gustakh Mausam - Female Lyrics in Hindi – Full Song Lyrics (गुस्ताख मौसम - फीमेल)

शाख से गिरे हैं यूँ बादलों पे 
गुस्ताख़ मौसम 
बह चली हैं झील की चादरों पे 
गुस्ताख़ मौसम 

ले चल मुझे दूर तू कहीं 
आँखे जहाँ कह दे अनकही 

जागे सोये शबनमी कालीनों पे 
गुस्ताख़ मौसम 
खो रहें हैं गूंजे से पर्वतों में 
गुस्ताख़ मौसम 

पलकें मेरी ढलती नहीं 
छलके हैं जो सपने कई 

खिल रहें हैं गुल कई हसरतों के 
गुस्ताख़ मौसम 
उड़ चले हैं क्यों परे सरहदों के 
गुस्ताख़ मौसम 
हाथ थामे मन चले रास्तों पे 
गुस्ताख़ मौसम 
डूब जाएं बाहों में जन्नतों के 
गुस्ताख़ मौसम

गीतकार: सुदीप नाइक


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About Gustakh Mausam - Female (गुस्ताख मौसम - फीमेल) Song

यहाँ पर हम बात कर रहे हैं "गुस्ताख मौसम - फीमेल" गाने की, जो फिल्म Nail Polish का एक खूबसूरत गीत है। इस गाने को आवाज़ दी है Vibha Saraf ने, संगीत Ronit Chaterji का है और बोल लिखे हैं Sudeep Naik ने। फिल्म में मुख्य किरदार निभाए हैं Arjun Rampal, Manav Kaul, Madhoo और Anand Tiwari ने। यह गाना Zee Music Company के लेबल पर रिलीज़ हुआ है और इसका मिजाज बहुत रोमांटिक और सपनों जैसा है।

गाने की शुरुआत होती है "शाख से गिरे हैं यूँ बादलों पे, गुस्ताख मौसम" से, जहाँ मौसम को "गुस्ताख" यानी शरारती या बेख़ौफ़ कहा गया है। यह एक फीमेल वर्जन है, जिसमें लड़की अपनी भावनाओं को बयान कर रही है — जैसे बादल शाख से गिर रहे हों और झील की चादरों पर बह रहे हों। आगे के बोल "ले चल मुझे दूर तू कहीं, आँखे जहाँ कह दे अनकही" से पता चलता है कि वह अपने प्रेमी को अपने साथ दूर ले जाने की ख्वाहिश रखती है, जहाँ बिना बोले ही सब कुछ कहा जा सके।

दूसरे पैराग्राफ में गाना और गहराई में जाता है — "जागे सोये शबनमी कालीनों पे, गुस्ताख मौसम" यानी ओस से भरे कालीनों पर मौसम जाग उठा है। फिर "पलकें मेरी ढलती नहीं, छलके हैं जो सपने कई" से पता चलता है कि उसकी आँखों में ढेर सारे सपने भरे हैं और वह पलकें भी नहीं झपका पा रही। आखिर में "खिल रहे हैं गुल कई हसरतों के, गुस्ताख मौसम" और "डूब जाएं बाहों में जन्नतों के, गुस्ताख मौसम" जैसे बोल बताते हैं कि यह प्यार की तमन्नाओं और जन्नत जैसी बाहों में डूबने की चाहत का गीत है। यह पूरा गाना एक सपनों भरी यात्रा है, जहाँ मौसम खुद शरारत कर रहा है और हर पल को खास बना रहा है।


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Song Details

Song Gustakh Mausam - Female
Album Nail Polish
Singer Vibha Saraf
Lyricist Sudeep Naik
Composer Ronit Chaterji
Release Date 12 February 2021
YouTube Video Watch on YouTube

Frequently Asked Questions

Who sang the song "Gustakh Mausam - Female"?

The song was sung by Vibha Saraf.

Who wrote the lyrics of "Gustakh Mausam - Female"?

The lyrics were written by Sudeep Naik.

Who composed the music for "Gustakh Mausam - Female"?

The music was composed by Ronit Chaterji.

Which album is "Gustakh Mausam - Female" from?

The song is from the album "Nail Polish".

When was "Gustakh Mausam - Female" released?

The song was released on 12 February 2021.