पागल लिरिक्स (Pagal Lyrics in Hindi) पढ़ें। Raja Kumari और Amrita Singh की आवाज़ में Pagglait का यह दार्शनिक गीत जीवन, आत्म-खोज और उम्मीद की कहानी कहता है। पूरे हिंदी बोल, आसान अर्थ, गाने की जानकारी और वीडियो देखें।
Pagal Lyrics in Hindi – Full Song Lyrics (पागल)
मन है कलंदर, मन है जोगी,
मन जो चाहे, मन की होगी।
फिर क्यों मन ने झूठ को पूजा?
दुख तकलीफ़ें सारी भोगीं।
कभी सदियाँ, कभी लम्हा,
कभी मुश्किल, कभी आसान।
कभी रूठी, कभी झूठी,
कभी पूरी, कभी टूटी।
कभी जुगनू, कभी तारा,
कभी कम-कम, कभी सारा।
है बोले ज़िंदगी मीठा,
पर इसका स्वाद है खारा।
रत्ती-रत्ती माशा-माशा,
तिनका-तिनका टूटी आशा।
भोले हैं हम, समझ न पाए,
दुनिया का ये खेल तमाशा।
रत्ती-रत्ती माशा-माशा,
तिनका-तिनका टूटी आशा।
भोले हैं हम, समझ न पाए,
दुनिया का ये खेल तमाशा।
पागल पागल पागल पागल पागल,
फिरे फ़क़ीरा।
रेत में देखो ढूंढे हीरा।
पागल पागल पागल पागल पागल पागल,
फिरे फ़क़ीरा।
जोगी कोई मंतर जंतर, जोगी कोई मंतर जंतर,
फूँके तो कम होवे पीरा।
पागल पागल पागल पागल पागल पागल,
फिरे फ़क़ीरा।
आँसू चाँदी, दर्द है सोना,
धूप का टुकड़ा, याद का कोना।
पागल पागल पागल पागल पागल पागल,
फिरे फ़क़ीरा।
मन कठपुतली, मन है खिलौना,
ले फिरता रिश्तों का बिछौना।
आँखों में ये झाँक रहा है,
मन का गड़रिया हाँक रहा है।
अमृत बेचा करता था ये,
ज़हर की पुड़ियाँ फाँक रहा है।
फेंक मुखौटा, चेहरा देखा,
भेष है बदला धीरे-धीरे।
टूटे लफ़्ज़ों को जोड़ा है,
कविता कर लेगा कबीरा।
फिरे फ़क़ीरा,
पागल फिरे फ़क़ीरा।
रेत में देखो ढूंढे हीरा,
जोगी कोई मंतर जंतर,
फूँके तो कम होवे पीरा।
पागल!
(पागल पागल पागल पागल)
मैं रंगरेज़, कुम्हार भी मैं हूँ,
नफ़रत मैं हूँ, प्यार भी मैं हूँ।
मुझमें सारा सत्य बसा है,
कण हूँ, मैं संसार भी हूँ।
पुनर्जन्म की रस्मा करेंगे,
रूह को अपनी भस्म करेंगे।
मरघट में भी फूल खिलेंगे,
ऐसा कोई तिलिस्मा करेंगे।
रत्ती-रत्ती माशा-माशा,
तिनका-तिनका टूटी आशा।
भोले हैं हम, समझ न पाए,
दुनिया का ये खेल तमाशा।
रत्ती-रत्ती माशा-माशा,
तिनका-तिनका टूटी आशा।
भोले हैं हम, समझ न पाए,
दुनिया का ये खेल तमाशा।
पागल पागल पागल पागल पागल,
फिरे फ़क़ीरा।
रेत में देखो ढूंढे हीरा।
पागल पागल पागल पागल पागल पागल,
फिरे फ़क़ीरा।
जोगी कोई मंतर जंतर, जोगी कोई मंतर जंतर,
फूँके तो कम होवे पीरा।
पागल पागल पागल पागल पागल पागल,
फिरे फ़क़ीरा।
आँसू चाँदी, दर्द है सोना,
धूप का टुकड़ा, याद का कोना।
पागल पागल पागल पागल पागल पागल,
फिरे फ़क़ीरा।
मन कठपुतली, मन है खिलौना,
ले फिरता रिश्तों का बिछौना।
खुद को तोड़ा, खुद को बनाया,
खुद को रंगा, खुद को सजाया।
खुद को साँचा फोड़ दिया है,
खुद को फिर से जोड़ लिया है।
फेंक मुखौटा, चेहरा देखा,
भेष है बदला धीरे-धीरे।
टूटे लफ़्ज़ों को जोड़ा है,
कविता कर लेगा कबीरा।
फिरे फ़क़ीरा,
पागल फिरे फ़क़ीरा।
रेत में देखो ढूंढे हीरा,
जोगी कोई मंतर जंतर,
फूँके तो कम होवे पीरा।
पागल, पागल।
पागल!
गीतकार: नीलेश मिश्रा
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About Pagal (पागल) Song
गाने का नाम Pagal है, जो फिल्म Pagglait से लिया गया है, इसे Raja Kumari और Amrita Singh ने गाया है, संगीत Arijit Singh ने दिया है और बोल Neelesh Misra के हैं। यह गाना Sanya Malhotra, Ashutosh Rana, Sheeba Chaddha और Raghubir Yadav पर फिल्माया गया है, और Oriyon Music लेबल पर रिलीज़ हुआ है। इस गीत की बात करें तो यह मन की उलझनों, जीवन के उतार-चढ़ाव और एक फ़कीर की तरह पागलपन से हीरे की खोज करने की कहानी कहता है।
गीत के बोल बहुत गहरे हैं, जहाँ "मन कलंदर" और "मन जोगी" जैसे शब्दों से मन की स्वतंत्रता और अनियंत्रितता को दर्शाया गया है। फिर सवाल उठता है कि मन ने झूठ को क्यों पूजा, जिससे दुख और तकलीफें आईं। ज़िंदगी को कभी सदियाँ, कभी लम्हा; कभी मुश्किल, कभी आसान बताया गया है, और अंत में कहा गया है कि यह मीठी लगती है लेकिन स्वाद खारा है। "रत्ती-रत्ती माशा-माशा, तिनका-तिनका टूटी आशा" वाली पंक्तियाँ टूटी उम्मीदों और भोलेपन से दुनिया के खेल को न समझ पाने की बात करती हैं।
गाने का कोरस "पागल पागल पागल फिरे फ़कीरा, रेत में देखो ढूंढे हीरा" बहुत प्रभावशाली है, जो एक पागल फ़कीर की तरह जीवन में दर्द और आँसुओं को चाँदी-सोना समझने की बात कहता है। आगे कवि खुद को रंगरेज़, कुम्हार, नफ़रत और प्यार बताता है, और कहता है कि मरघट में भी फूल खिलेंगे। अंत में "खुद को तोड़ा, खुद को बनाया, खुद को रंगा, खुद को सजाया" जैसी पंक्तियाँ आत्म-खोज और पुनर्निर्माण की यात्रा दिखाती हैं। Kabir की कविता का ज़िक्र भी है, जो इस गीत को एक आध्यात्मिक और दार्शनिक गहराई देता है। कुल मिलाकर यह गाना जीवन, दर्द, पागलपन और आत्म-स्वीकृति का एक सुंदर मिश्रण है।
Song Details
| Song | Pagal |
|---|---|
| Album | Pagglait |
| Singer | Raja Kumari , Amrita Singh |
| Lyricist | Neelesh Misra |
| Composer | Arijit Singh |
| Release Date | 15 March 2021 |
| YouTube Video | Watch on YouTube |
Frequently Asked Questions
Who sang the song "Pagal"?
The song was sung by Raja Kumari and Amrita Singh.
Who wrote the lyrics of "Pagal"?
The lyrics were written by Neelesh Misra.
Who composed the music for "Pagal"?
The music was composed by Arijit Singh.
Which album is "Pagal" from?
The song is from the album "Pagglait".
When was "Pagal" released?
The song was released on 15 March 2021.