आखिर क्यूँ लिरिक्स (Aakhir Kyun Lyrics in Hindi) – Porshia Sen, Mahalakshmi Iyer | The Kerala Story

आखिर क्यूँ के लिरिक्स | The Kerala Story का दर्द भरा सवाल। Porshia Sen और Mahalakshmi Iyer की मार्मिक आवाज़ें। आवाज़ों पर ज़ंजीरें, ख्वाब स्याह - इस दर्द को महसूस करें।

Aakhir Kyun Song Poster from The Kerala Story

Aakhir Kyun Lyrics in Hindi – Full Song Lyrics (आखिर क्यूँ)

आवाज़ों पर थीं ज़ंजीरें
ख़्वाबों की काली ताबीरें
आवाज़ों पर थीं ज़ंजीरें
ख़्वाबों की काली ताबीरें

सायों पर भी डर का पहरा
सायों पर भी डर का पहरा
दर्द ख़लाओं से भी गहरा

चीखों की बढ़ती आबादी
बहरी हो गई सारी वादी
चीखों की बढ़ती आबादी
बहरी हो गई सारी वादी

रौशन-रौशन सारी रूहें
रौशन-रौशन सारी रूहें
अंधेरों की हो गई आदी

ज़ख़्मों से ही यारी थी जब
मौत ही सबसे प्यारी थी जब
ज़ख़्मों से ही यारी थी जब
मौत ही सबसे प्यारी थी जब
तब जीने की हसरत जागी
मरने की तैयारी थी जब

उम्मीदों का दरिया गहरा
अहसासों में ऐसे ठहरा
उम्मीदों का दरिया गहरा
अहसासों में ऐसे ठहरा

हरियाली की आहट सुनके
हरियाली की आहट सुनके
जैसे रो पड़ता है सेहरा

अंधेरों के धागे तोड़े
अंधेरों के धागे तोड़े
मन पे लिपटे साये छोड़े
मन पे लिपटे साये छोड़े

रौशन हो गईं रूहें फिर से
रौशन हो गईं रूहें फिर से
आतिश में तन सारे छोड़े...!

गीतकार: अनंत


About Aakhir Kyun (आखिर क्यूँ) Song

यह गाना, जिसका नाम "आखिर क्यूँ" (Aakhir Kyun) है, The Kerala Story फिल्म का हिस्सा है, इस गाने को Bishakh Jyoti ने कंपोज़ किया है और संगीत दिया है, जबकि गीत Anant ने लिखे हैं, इसे Porshia Sen और Mahalakshmi Iyer ने अपनी खूबसूरत आवाज़ से गाया है, और यह गाना Sunshine Music लेबल के तहत रिलीज़ हुआ है। 

गीत की शुरुआत एक दर्दनाक और दबी हुई दुनिया का चित्र खींचती है, जहाँ आवाज़ों पर ज़ंजीरें हैं और ख्वाबों की ताबीरें काली पड़ गई हैं, यहाँ तक कि सायों पर भी डर का पहरा है और दर्द खालाओं से भी गहरा महसूस होता है, चीखों की आबादी बढ़ती जा रही है और पूरी वादी बहरी हो गई लगती है, ऐसा लगता है जैसे रौशन रूहें भी अंधेरों की आदी होकर रह गई हैं। 

फिर गीत में एक मोड़ आता है, जहाँ ज़ख़्मों से यारी और मौत से प्यार के बीच जीने की हसरत जाग उठती है, उम्मीदों का दरिया गहरा है और अहसासों में ठहरा हुआ है, हरियाली की आहट सुनकर सेहरा रो पड़ता है, यहाँ अंधेरों के धागे टूटते हैं और मन से लिपटे साये छूटते हैं, अंत में रूहें फिर से रौशन हो जाती हैं और आतिश में तन के सारे बंधन छोड़ दिए जाते हैं, यह गाना दर्द से उम्मीद की ओर एक शक्तिशाली सफर को दर्शाता है।


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