आधा रे आधा लिरिक्स (Adha Re Adha Lyrics in Hindi) – Nutana Mohan | Chalti Rahe Zindagi

आधा रे आधा के बोल | Chalti Rahe Zindagi का प्रेरक गीत। Nutana Mohan की सुरीली आवाज़। खुशी और गम को आधा-आधा बाँटकर जीने का पैगाम देता यह गाना। पूरे लिरिक्स पढ़ें।

Adha Re Adha Song Poster from Chalti Rahe Zindagi

Adha Re Adha Lyrics in Hindi – Full Song Lyrics (आधा रे आधा)

आधा रे आधा, पल खुशी का
आधा रे आधा हैं
आजा रे आजा, बाँट ले कुछ
कम है ज्यादा है

मीठे रे मीठे मौसमों का
मीठा रे मौका है
बीते रे बीते पल से अगले
पल का सौदा है

अब ना कोई
डर का है असर हमको
है ये दूरियाँ मजबूरियाँ
पर क्या फिकर हमको?
है ये दूरियाँ मजबूरियाँ
पर क्या फिकर हमको?

कुछ शिकायत थी खुदी से
कुछ उम्मीद भी गैरों की
गैरों की... गैरों की...

अब घुँघरूओं के ख्वाब में हैं
दोस्ती कुछ पैरों की
आ...हाँ... पैरों की...

कुछ कदम
ये मेरे माना डगमगाये हैं
कुछ कदम
तूने भी मुश्किल से जमाये हैं
मुस्कुराहट ने ये अपनी
साथ मिल करके
कुछ ये लम्हें जो मिले हैं
खुद कमाये हैं

अब ना कोई
बाकी हैं कसर हमको
अब ना फासले
ना रास्ते की हैं फ़िकर हमको
अब ना फासले
ना रास्ते की हैं फ़िकर हमको...!

गीतकार: मयूर पुरी


About Adha Re Adha (आधा रे आधा) Song

यह गाना "आधा रे आधा" है, जो फिल्म "Chalti Rahe Zindagi" का है, इसमें Seema Biswas, Barkha Sengupta और Indraneil Sengupta ने अभिनय किया है, यह गाना Nutana Mohan की आवाज़ में है, जिसे Amit Nitin Dasani ने कंपोज़, अरेंज और प्रोड्यूस किया है, जबकि इसके बोल Mayur Puri ने लिखे हैं, और यह गाना Zee Music Company के अंतर्गत रिलीज़ हुआ है।

गाने के बोल "आधा रे आधा, पल खुशी का" से शुरू होते हैं, जो ज़िंदगी के हर पल को आधा-आधा बाँटने की बात करते हैं, यानी खुशी और गम दोनों को साथ लेकर चलना, फिर बोल कहते हैं "आजा रे आजा, बाँट ले कुछ, कम है ज्यादा है", यहाँ संदेश है कि चाहे कम हो या ज्यादा, सब कुछ बाँट कर जीवन को हल्का बनाया जा सकता है, इसके आगे, "मीठे रे मीठे मौसमों का, मीठा रे मौका है" में ज़िंदगी के ख़ास पलों को पकड़ने का आग्रह है, और "बीते रे बीते पल से अगले, पल का सौदा है" यह बताता है कि बीता हुआ समय नहीं, बल्कि आने वाला पल महत्वपूर्ण है।

गाने की अगली पंक्तियाँ "अब ना कोई डर का है असर हमको" डर और दूरियों को पीछे छोड़ने की बात करती हैं, "है ये दूरियाँ मजबूरियाँ, पर क्या फिकर हमको?" यह दिखाता है कि चुनौतियाँ हैं, लेकिन उनकी चिंता नहीं की जा रही, फिर, "कुछ शिकायत थी खुदी से, कुछ उम्मीद भी गैरों की" अपने आप से और दूसरों से उम्मीदों के मिले-जुले भाव को दर्शाता है, "अब घुँघरूओं के ख्वाब में हैं, दोस्ती कुछ पैरों की" यहाँ रिश्तों में नृत्य और गति का प्रतीकात्मक उपयोग है, आखिर में, "कुछ कदम मेरे माना डगमगाये हैं, कुछ कदम तूने भी मुश्किल से जमाये हैं" संघर्ष और साथ की ताकत को दिखाता है, और "मुस्कुराहट ने ये अपनी साथ मिल करके, कुछ ये लम्हें जो मिले हैं खुद कमाये हैं" यह बताता है कि मुस्कान और मेहनत से ही ख़ास पल हासिल होते हैं, अंत में, "अब ना कोई बाकी हैं कसर हमको, अब ना फासले ना रास्ते की हैं फ़िकर हमको" पूर्णता और बिना चिंता के आगे बढ़ने का संदेश देता है।


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