तबस्सुम लिरिक्स (Tabassum Lyrics in Hindi) पढ़ें। Sonu Nigam और Heer की आवाज़ में Batwara 1947 का खूबसूरत रोमांटिक गीत, जिसे A. R. Rahman ने संगीत दिया है। पूरे हिंदी बोल, आसान अर्थ, गीतकार और वीडियो की जानकारी यहाँ पाएं।
Tabassum Lyrics in Hindi – Full Song Lyrics (तबस्सुम)
ओ तबस्सुम, ऐ तबस्सुम,
मैं एक दीवाना हूँ!
ओ तबस्सुम, ऐ तबस्सुम,
तुम क्या हो... कैसे कहूँ?
तुम सुबहों की, शामों की रोशनी हो,
तुम हो किरण-किरण!
तुम रंगों में, खुशबुओं में ढली हो,
तुम हो चमन-चमन!
तुम गूंजी-गूंजी हँसी-रागिनी हो,
तुम हो गगन-गगन!
तुम पे ही है न्योछावर
ये तन-मन, तबस्सुम!
तुम जो आईं तो बरसने लगी हर खुशी
तुम जो आईं तो हुई मेहरबाँ जिंदगी
मैं ऐसे ही ख्वाबों में रहने लगा हूँ गुम
मेरी धड़कन में साँसों में
हो बस तुम ही तुम!
ओ तबस्सुम, ऐ तबस्सुम,
मैं एक दीवाना हूँ!
ओ तबस्सुम, ऐ तबस्सुम,
तुम क्या हो... कैसे कहूँ?
तुम सुबहों की, शामों की रोशनी हो,
तुम हो किरण-किरण!
तुम रंगों में, खुशबुओं में ढली हो,
तुम हो चमन-चमन!
तुम गूंजी-गूंजी हँसी-रागिनी हो,
तुम हो गगन-गगन!
तुम पे ही है न्योछावर
ये तन-मन, तबस्सुम!
ऐ शायर, तुम्हें सलाम!
है दिलकश तुम्हारा पयाम
ऐ शायर, तुम्हें सलाम!
है दिलकश तुम्हारा पयाम
तुमसे जब नाम अपना सुना,
प्यारा लगने लगा अपना नाम
ये धड़कन, ये साँसें मेरी—
तुम ही इनमें हो सुबह-ओ-शाम
शायरी तुम्हारी है जैसे जादूगरी
मैंने ऐसा कभी सोचा था नहीं
लगता है मैं हो गई हूँ हँसी,
मेरे शायर...!
ओ तबस्सुम, ऐ तबस्सुम,
मैं एक दीवाना हूँ!
ओ तबस्सुम, ऐ तबस्सुम,
तुम क्या हो... कैसे कहूँ?
तुम सुबहों की, शामों की रोशनी हो,
तुम हो किरण-किरण!
तुम रंगों में, खुशबुओं में ढली हो,
तुम हो चमन-चमन!
तुम गूंजी-गूंजी हँसी-रागिनी हो,
तुम हो गगन-गगन!
तुम पे ही है न्योछावर
ये तन-मन, तबस्सुम!
मैं भी शायद तुम्हारी गज़ल हूँ
मुझे ऐसा है क्यों लग रहा?
मैं गुमसुम हूँ, गुमसुम-गुमसुम
तुम्हें सुनती रहूँगी सदा,
सुनती रहूँगी सदा...
तुम्हें सुनती रहूँगी सदा!
गीतकार: जावेद अख्तर
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About Tabassum (तबस्सुम) Song
यहाँ हम बात कर रहे हैं "तबस्सुम" गाने की, जो फिल्म Batwara 1947 का एक खूबसूरत और रोमांटिक गीत है। इस गाने को Sonu Nigam और Heer ने अपनी मधुर आवाज़ में गाया है। इसका संगीत A. R. Rahman ने तैयार, प्रोड्यूस और अरेंज किया है, जबकि गीत के बोल Javed Akhtar ने लिखे हैं। फिल्म में Shabana Azmi, Sunny Deol और Preity G. Zinta मुख्य भूमिकाओं में हैं और गाना Zee Music Company के लेबल पर रिलीज़ हुआ है।
गाने की शुरुआत "ओ तबस्सुम, ऐ तबस्सुम, मैं एक दीवाना हूँ" से होती है, जहाँ एक प्रेमी अपनी महबूबा तबस्सुम की खूबसूरती को शब्दों में बयां करने की कोशिश करता है। वह कहता है कि तुम सुबह और शाम की रोशनी हो, हर किरण में चमकती हो, रंगों और खुशबुओं से भरे चमन जैसी हो और तुम्हारी हँसी किसी खूबसूरत रागिनी जैसी लगती है। यहाँ तबस्सुम का अर्थ मुस्कान (Smile) भी होता है, इसलिए गीत में नाम और खूबसूरती दोनों का सुंदर मेल दिखाई देता है।
आगे गाने में बताया गया है कि तबस्सुम के आने से जिंदगी में खुशियाँ बरसने लगी हैं। प्रेमी कहता है कि अब वह ऐसे ख्वाबों में खो गया है जहाँ उसकी धड़कन और साँसों में सिर्फ वही मौजूद है। "तुम जो आईं तो बरसने लगी हर खुशी" जैसी पंक्तियाँ बताती हैं कि किसी खास इंसान का जीवन में आना किस तरह पूरी दुनिया को बदल सकता है।
इसके बाद गीत का अंदाज़ थोड़ा बदलता है। तबस्सुम "ऐ शायर, तुम्हें सलाम" कहकर उस शायर की तारीफ करती है, जिसने उसके लिए इतनी खूबसूरत बातें लिखी हैं। उसे लगता है कि शायर की शायरी (Poetry) किसी जादूगरी जैसी है। जब वह अपने नाम को उसकी आवाज़ में सुनती है, तो उसे अपना नाम भी पहले से ज्यादा प्यारा लगने लगता है। यह हिस्सा प्रेम के साथ-साथ शब्दों की ताकत को भी खूबसूरती से दिखाता है।
अंत में तबस्सुम कहती है, "मैं भी शायद तुम्हारी गज़ल हूँ"। यानी अब उसे महसूस होने लगा है कि वह खुद उस शायर की गज़ल (Poetic composition) का हिस्सा बन गई है। वह चुपचाप उसकी बातें सुनते रहना चाहती है। कुल मिलाकर, Tabassum एक ऐसा रोमांटिक गीत है जिसमें प्यार, शायरी, खूबसूरती और दो दिलों के बीच पैदा होने वाली मीठी भावनाओं को बहुत नर्म और खूबसूरत अंदाज़ में पेश किया गया है।
Tabassum Song - Full Version Youtube Video
Song Details
| Song | Tabassum |
|---|---|
| Album | Batwara 1947 |
| Singer | Sonu Nigam , Heer |
| Lyricist | Javed Akhtar |
| Composer | A. R. Rahman |
| Music Label | Zee Music Company |
| Release Date | 14 August 2026 |
| YouTube Audio | Listen on YouTube |
| YouTube Video | Watch on YouTube |
Frequently Asked Questions
Who sang the song "Tabassum"?
The song was sung by Sonu Nigam and Heer.
Who wrote the lyrics of "Tabassum"?
The lyrics were written by Javed Akhtar.
Who composed the music for "Tabassum"?
The music was composed by A. R. Rahman.
Which album is "Tabassum" from?
The song is from the album "Batwara 1947".
Which music label released "Tabassum"?
The song was released under the music label "Zee Music Company".
When was "Tabassum" released?
The song was released on 14 August 2026.