जाते हुए लम्हों के बोल | Border 2 का मार्मिक गीत Roop Kumar Rathod और Vishal Mishra की आवाज़ में। Javed Akhtar के लिरिक्स और Mithoon के संगीत में यह गाना पलों को थाम लेने की गुज़ारिश करता है। Sunny Deol स्टारर यह ट्रैक दिल छू लेगा।
Jaate Hue Lamhon Lyrics in Hindi – Full Song Lyrics (जाते हुए लम्हों)
ऐ जाते हुए लम्हों,
ज़रा ठहरो, ज़रा ठहरो..ओ
ऐ जाते हुए लम्हों,
ज़रा ठहरो, ज़रा ठहरो
मैं भी तो चलता हूँ,
ज़रा उनसे मिलता हूँ
जो इक बात दिल में है,
उनसे कहूँ -
तो चलूँ, तो चलूँ,
अम्म ह्म ह्म ह्मम्
तो चलूँ, तो चलूँ, तो चलूँ...
तो चलूँ, तो चलूँ,
अम्म ह्म ह्म ह्मम्
तो चलूँ, तो चलूँ, तो चलूँ...
ऐ जाते हुए लम्हों,
ज़रा ठहरो, ज़रा ठहरो
उनके चेहरे की ये नरमियाँ
उनकी ज़ुल्फ़ों की ये बदलियाँ
उनकी आँखों के रौशन दिए
उनके होंठों की ये सुर्ख़ियाँ..आ..
सब उनके हैं जलवे,
मैं चलने से पहले
साँसों में, आँखों में,
ख़्वाबों में, यादों में
और इस दिल में
उनको छुपा के रखूँ
तो चलूँ, तो चलूँ
अम्म ह्म ह्म ह्मम्
तो चलूँ, तो चलूँ, तो चलूँ...
तो चलूँ, तो चलूँ,
अम्म ह्म ह्म ह्मम्
तो चलूँ, तो चलूँ, तो चलूँ...
ऐ जाते हुए लम्हों,
ज़रा ठहरो, ज़रा ठहरो
मैं कहीं भी रहूँ, ऐ सनम
मुझको है ज़िंदगी की क़सम
फ़ासले आते-जाते रहे
प्यार लेकिन नहीं होगा कम
जिन्हें चाहूँ, जिन्हें पूजूँ,
उन्हें देखूँ, उन्हें छू लूँ
ज़रा बातें तो कर लूँ,
ज़रा बाँहों में भर लूँ
मैं इस चाँद से माथे को चूम लूँ
तो चलूँ, तो चलूँ
अम्म ह्म ह्म ह्मम्
तो चलूँ, तो चलूँ, तो चलूँ...
तो चलूँ, तो चलूँ,
अम्म ह्म ह्म ह्मम्
तो चलूँ, तो चलूँ, तो चलूँ...
(तो चलूँ, तो चलूँ)
लम्हा-लम्हा तुझे माँगूँ
(अम्म ह्म ह्म ह्मम्)
लम्हा-लम्हा तुझे चाहूँ
(तो चलूँ, तो चलूँ, तो चलूँ...)
क़िस्मत से मिली है ये क़िस्मत
लम्हा-लम्हा तुझे पा लूँ
(तो चलूँ, तो चलूँ)
लम्हा-लम्हा तुझे माँगूँ
(अम्म ह्म ह्म ह्मम्)
लम्हा-लम्हा तुझे चाहूँ
(तो चलूँ, तो चलूँ, तो चलूँ...)
क़िस्मत से मिली है ये क़िस्मत
लम्हा-लम्हा तुझे पा लूँ
ऐ जाते हुए लम्हों...!
गीतकार: जावेद अख्तर
About Jaate Hue Lamhon (जाते हुए लम्हों) Song
यह गाना "जाते हुए लम्हों" है, जो Border 2 movie का हिस्सा है, इसमें मुख्य कलाकार Sunny Deol, Varun Dhawan, Diljit Dosanjh, Ahan Shetty हैं, और यह गाना T-Series music label द्वारा रिलीज़ किया गया है।
यह गाना मूल रूप से Anu Malik द्वारा compose किया गया था और lyrics Javed Akhtar ने लिखे थे, इसे Mithoon ने recreate किया है, और इसे Roop Kumar Rathod और Vishal Mishra ने गाया है।
गाने के बोल एक व्यक्ति की भावनाओं को दर्शाते हैं, जो जाते हुए पलों से रुकने की गुज़ारिश करता है, ताकि वह अपने प्रियजन से मिल सके, दिल की बात कह सके, और उनकी यादों को अपने साथ ले जा सके, जैसे उनके चेहरे की नरमी, ज़ुल्फ़ों की लहरें, आँखों की चमक, और होंठों की सुर्ख़ी।
गाने में गायक कहता है कि वह चलने से पहले उन सभी पलों को अपनी साँसों, आँखों, ख़्वाबों और यादों में समेट लेना चाहता है, और दिल में छुपा कर रखना चाहता है, वह दूरियों के बावजूद प्यार को कम नहीं होने देगा, और चाहता है कि वह अपने प्रिय को देखे, छुए, बातें करे, और गले लगाए, यहाँ तक कि चाँद से भी माथा चूम ले।
अंत में, गाना इस विश्वास के साथ ख़त्म होता है कि हर पल को माँगा जाए, चाहा जाए, और पाया जाए, क्योंकि यह क़िस्मत का तोहफ़ा है, और यह गाना सुनने वालों को भावनात्मक रूप से जोड़ता है, जो अपने जीवन के कीमती पलों को संजोना चाहते हैं।