वो मिट्टी के बेटे के लिरिक्स | Border 2 का मार्मिक शहीद श्रद्धांजलि गीत। Sonu Nigam की भावपूर्ण आवाज़। हर देशभक्त के दिल की आवाज़।
Mitti Ke Bete Lyrics in Hindi – Full Song Lyrics (वो मिट्टी के बेटे)
क्या मन मौजी बेफ़िक्रे थे..ए..
क्या मन मौजी बेफ़िक्रे थे
मौत पे अपने हँसते थे
दिल में वतन को रखने वाले
सर पे कफ़न भी रखते थे
हम जो तिरंगा लहराएँगे
हिचकी बनके याद आएँगे
वो मिट्टी के बेटे, जो वापस ना लौटे
जो वापस ना लौटे, वो मिट्टी के बेटे
वो माँ के अलबेले, जो वापस ना लौटे
जो वापस ना लौटे, वो मिट्टी के बेटे
इस मिट्टी के बेटे
ओ..ओ..ओ..ओ. वो मिट्टी के बेटे
ओ..ओ..ओ..ओ. वो मिट्टी के बेटे
इस मिट्टी के बेटे
जिसके लिए सरदार हमारा
झूल गया था फंदे पर
धूल नहीं लगने दी हमने
उस बेदाग तिरंगे पर
उस बेदाग तिरंगे पर..
उस बेदाग तिरंगे पर
तेरा दर्द तू जाने बाबा
तेरा दर्द तू जाने बाबा
मैं तो खुशी से पागल हूँ
जिसकी गोदी में खेला मैं
चला उसी के कंधे पर
लाडले जब सरहद जाएँगे
हिचकी बनके याद आएँगे
वो मिट्टी के बेटे, जो वापस ना लौटे
जो वापस ना लौटे, वो मिट्टी के बेटे
वो माँ के अलबेले, जो वापस ना लौटे
जो वापस ना लौटे, वो मिट्टी के बेटे
इस मिट्टी के बेटे
ओ छलिये कहाँ पता था?
तू यारों को छल जाएगा
जो चढ़ता सूरज था अपना
वो ऐसे ढल जाएगा,
वो ऐसे ढल जाएगा
वो ऐसे ढल जाएगा
तेरे बिन सरहद से हम भी
तेरे बिन सरहद से हम भी
आधे-अधूरे लौटेंगे
तेरी चिता में धीरे से
कुछ अपना भी जल जाएगा
यार गले जब लग जाएँगे
हिचकी बनके याद आएँगे
वो मिट्टी के बेटे, जो वापस ना लौटे
जो वापस ना लौटे, वो मिट्टी के बेटे
वो माँ के अलबेले, जो वापस ना लौटे
जो वापस ना लौटे, वो मिट्टी के बेटे
इस मिट्टी के बेटे
ओ ओ हो..ओ ओ हो..
ओ ओ हो..ओ ओ हो..
कुछ दर्द कभी सोते ही नहीं
वनवास ख़तम होते ही नहीं
चौखट पे दीये जलते ही रहे
कुछ राम कभी लौटे ही नहीं
कुछ राम कभी लौटे ही नहीं
कुछ राम कभी लौटे ही नहीं
मेरे नाम का प्याला भर के, हो..ओ..
मेरे नाम का प्याला भर के
बरसातों में पी लेना
बाबा मैं तो रहा नहीं
तू मेरी जवानी जी लेना
हम जब जन गण मन गाएँगे
हिचकी बनके याद आएँगे
वो मिट्टी के बेटे, जो वापस ना लौटे
जो वापस ना लौटे, वो मिट्टी के बेटे
वो माँ के अलबेले, जो वापस ना लौटे
जो वापस ना लौटे, वो मिट्टी के बेटे
इस मिट्टी के बेटे
ओ..ओ..ओ..ओ. वो मिट्टी के बेटे
ओ..ओ..ओ..ओ. वो मिट्टी के बेटे
इस मिट्टी के बेटे...!
गीतकार: मनोज मुन्तशिर
About Mitti Ke Bete (वो मिट्टी के बेटे) Song
यह गाना "वो मिट्टी के बेटे" है, जो movie Border 2 के लिए बनाया गया है, इसकी music Mithoon ने दी है और इसे legendary singer Sonu Nigam ने गाया है, जबकि lyrics Manoj Muntashir द्वारा लिखे गए हैं, यह गाना देशभक्ति की भावनाओं से भरा हुआ है और उन शहीद सैनिकों को समर्पित है जो मातृभूमि की रक्षा में अपना सब कुछ न्योछावर कर देते हैं।
इस गाने के lyrics में सैनिकों के जीवन और उनके बलिदान का मार्मिक वर्णन है, पहले हिस्से में बताया गया है कि कैसे वे बेफ़िक्र और मौजी थे, मौत पर हँसते थे, और दिल में वतन की चिंता रखते हुए सर पर कफ़न बाँधकर चलते थे, गाना कहता है कि जब हम तिरंगा लहराएँगे, तो ये शहीद हिचकी बनकर याद आएँगे, मुख्य पंक्ति "वो मिट्टी के बेटे, जो वापस ना लौटे" बार-बार दोहराई गई है, जो उन अमर बलिदानियों की याद दिलाती है, lyrics में यह भी भावना है कि उन्होंने तिरंगे को बेदाग रखने के लिए अपना सब कुछ दिया, और उनका दर्द केवल वही जानते हैं, परंतु वे इस बात से खुश हैं कि जिस मिट्टी में उन्होंने बचपन बिताया, उसी के कंधे पर सिर रखकर शहीद हुए।
आगे के हिस्से में गाना और भी emotional हो जाता है, जहाँ यह बताया गया है कि कैसे यारों का बिछड़ना दर्द देता है, और सूरज की तरह चमकने वाला योद्धा अस्त हो जाता है, lyrics कहते हैं कि उनके बिना सरहद से लौटना अधूरा है, और उनकी चिता में हमारा कुछ अंश भी जल जाता है, अंतिम भाग में गहरी दार्शनिक बातें हैं, जैसे कुछ दर्द कभी सोते नहीं और कुछ राम (यहाँ मसीहा या हीरो) कभी लौटते नहीं, आखिरी पंक्तियाँ एक सैनिक की अपने प्रियजनों से अपील हैं कि वे उसकी जवानी का जश्न मनाएँ, और जब भी "जन गण मन" गाया जाएगा, ये शहीद याद आएँगे, यह गाना patriotism, sacrifice, और eternal memory पर एक शक्तिशाली रचना है, जो listeners के दिल को छू जाती है।