सुनहरी सी झिलमिलती किरणें लिरिक्स (Sunhari Kirne Lyrics in Hindi) – Arijit Singh | Gandhi Talks

सुनहरी सी झिलमिलती किरणें के बोल | Arijit Singh की दिल छू लेने वाली आवाज़ में, A.R. Rahman का जादू। Gandhi Talks का यह आशावादी गीत नई उम्मीदों की किरण बनकर आया है। पूरे लिरिक्स पढ़ें।

Sunhari Kirne Song Poster from Gandhi Talks

Sunhari Kirne Lyrics in Hindi – Full Song Lyrics (सुनहरी सी झिलमिलती किरणें)

ये रौशन, सुनहरी सी, झिलमिलती किरणें
ये पहले पहर की सी जगमगती किरणें
ये चिड़ियों के संग-संग चहकती सी किरणें
ये फूलों के रंग-रंग महकती सी किरणें
दिलों में उम्मीदें जगाती सी किरणें

ये ले आती हैं रात के जाते-जाते
सवेरे, सहर, भोर, सुबह, प्रभाते
ये सब लफ़्ज़ लगते हैं सुने सुनाए
हम रातों के बाशिंदे, सोए सुलाए

ये है नींद, बेहोशी है या नशा है
ये सुस्ती, ये मस्ती, ख़ुदा जाने क्या है?

तूफ़ान आए या हो कोई आँधी
हो गौतम या नानक, भगत सिंह या गांधी
बहुत कोशिश की, नहीं खोल पाए
आँखों पे जो पट्टियाँ हमने बाँधी

हम सब हैं तारित रातों के आदी
हमें रात ही में मिली थी आज़ादी

हमको तो बस ओढ़े रखनी है चादर
हो रेशम या मलमल या खाकी या खादी

ये अंधियारी चादर या कोई कफ़न है
वो सूरज न जाने कहाँ पर दफ़न है
अगर खो गया है, उसे ढूँढ ला दो
अगर सो गया है, तो उसको जगा दो

जो बेहोश है तो ज़रा होश ला दो
अगर मर चुका है तो मिलकर जला दो
जलेगा तो कुछ रौशनी होगी शायद

दुनिया में कुछ ख़लबली होगी शायद
कहानी ये तुमने सुनी होगी शायद
कुछ सुबहें यूँ भी बनी होगी शायद
(के कुछ सुबहें यूँ भी बनी होगी शायद)
के कुछ सुबहें यूँ भी बनी होगी शायद
(के कुछ सुबहें यूँ भी बनी होगी शायद)

ये रोशन, सुनहरी सी, झिलमिलती किरणें
ये पहले पहर की सी जगमगाती किरणें
ये चिड़ियों के संग-संग चहकती सी किरणें
ये फूलों के रंग-रंग महकती सी किरणें
दिलों में उम्मीदें जगाती सी किरणें

ये ले आती हैं रात के जाते-जाते
सवेरे, सहर, भोर, सुबह, प्रभाते
ये सब लफ़्ज़ लगते हैं सुने सुनाए
हम रातों के बाशिंदे, सोए सुलाए
सुलाए, सुलाए.....!

गीतकार: समीर सामंत


About Sunhari Kirne (सुनहरी सी झिलमिलती किरणें) Song

यह गाना "सुनहरी सी झिलमिलती किरणें" है, जिसे "Sunhari Kirne" के नाम से भी जाना जाता है, यह गाना movie "Gandhi Talks" का हिस्सा है, जिसमें Vijay Sethupathi, Arvind Swami, Aditi Rao Hydari और Siddharth Jadhav ने अभिनय किया है, इस गाने को legendary music composer A.R. Rahman ने compose, produce और arrange किया है, और इसे playback singer Arijit Singh ने अपनी आवाज़ दी है, lyrics Sameer Samant द्वारा लिखे गए हैं, और यह गाना Saregama Music के label पर release हुआ है।

गाने के lyrics में सुबह की पहली किरणों का बहुत खूबसूरत वर्णन है, जो रौशन, सुनहरी और झिलमिलाती हैं, ये किरणें चिड़ियों के साथ चहकती हैं और फूलों के रंगों में महकती हैं, ये दिलों में उम्मीद जगाती हैं और रात के खत्म होते ही सवेरा, भोर, सुबह लेकर आती हैं, lyrics कहते हैं कि हम रात के आदी हो चुके हैं, हमें रात में ही आज़ादी मिली है, और हमें बस अपनी चादर ओढ़े रखनी है, चाहे वह रेशम हो, मलमल हो या खादी।

आगे के हिस्से में गाना गहरे philosophical विचार पेश करता है, यह पूछता है कि क्या यह अंधेरी चादर है या कोई कफन, क्या सूरज कहीं दफन हो गया है, lyrics एक call to action देते हैं: अगर सूरज खो गया है तो उसे ढूंढो, अगर सो गया है तो जगाओ, अगर बेहोश है तो होश में लाओ, और अगर मर गया है तो मिलकर जलाओ, क्योंकि जलने से कुछ रोशनी पैदा होगी, शायद दुनिया में कुछ खलबली मचेगी, शायद कुछ सुबहें ऐसे ही बनती हैं, गाना फिर से उन्हीं आशावादी सुनहरी किरणों के वर्णन के साथ खत्म होता है, जो उम्मीद और नई शुरुआत का प्रतीक हैं।


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