इश्क की बिजली के लिरिक्स | जब खुली किताब फिल्म का यह गाना प्यार की तीव्रता को बिजली की तरह दिखाता है। कई कलाकारों की सामूहिक आवाज़ों में सजा यह अनोखा ट्रैक।
Ishq Ki Bijli Lyrics in Hindi – Full Song Lyrics (इश्क की बिजली)
क्यों कमबख़्त ज़माने की
तिरछी नज़र चली है?
शोर हुआ है कूचे में,
कहीं पे बिजली गिरी है।
क्यों कमबख़्त ज़माने की
तिरछी नज़र चली है?
शोर हुआ है कूचे में,
कहीं पे बिजली गिरी है।
अरे क्यों कमबख़्त ज़माने की
तिरछी नज़र चली है?
शोर हुआ है कूचे में,
कहीं पे बिजली गिरी है।
आवारा मदहोश बादल
उमड़-घुमड़ के आया है,
वो यारों ने हाथ थाम
गीत प्यार के गाया है।
शहर भी बंद फ़िज़ाओं में,
दो दिल नाच रहे हैं,
अजी उड़ने वाले क्या कहे?
बस बैठे जाँच रहे हैं।
क्यों कमबख़्त ज़माने की
तिरछी नज़र चली है?
शोर हुआ है कूचे में,
कहीं पे बिजली गिरी है।
ओ हो… आहा… आहा…
शार्ट हो गया सर्किट
इन सब जलने वालों का
उफ्फ उड़ गया फ्यूज
आँखों को मलने वालों का
(अइसा क्या..??)
शार्ट हो गया सर्किट
इन सब जलने वालों का
उफ्फ उड़ गया फ्यूज
आँखों को मलने वालों का
ना अब है जोड़ जमाने का
ना कोई शोर अब होगा
अब दिल ने तय जो किया है
होगा तो वो ही होगा
ना अब है जोड़ जमाने का
ना कोई शोर अब होगा
अब दिल ने तय जो किया है
होगा तो वो ही होगा
क्यों कमबख़्त ज़माने की
तिरछी नज़र चली है?
शोर हुआ है कूचे में,
कहीं पे बिजली गिरी है।
रा.. रा.. रा.. रा.. रा ..
ग़ालिब भी हुए निकम्में
जब उनको इश्क़ हुआ था,
पर काम तभी तो आए
जब इश्क़ ने उनको छुआ था।
ग़ालिब भी हुए निकम्में
जब उनको इश्क़ हुआ था,
पर काम तभी तो आए
जब इश्क़ ने उनको छुआ था।
भाई हम तो प्यार करेंगे,
अब आँखें चार करेंगे,
भाई हम तो प्यार करेंगे,
अब आँखें चार करेंगे,
तुम हम पे मरती जाना,
हम तुम पे मर के मिटेंगे,
तुम हम पे मरती जाना,
हम तुम पे मर के मिटेंगे।
क्यों कमबख़्त ज़माने की
तिरछी नज़र चली है?
शोर हुआ है कूचे में,
कहीं पे बिजली गिरी है।
क्यों कमबख़्त ज़माने की
तिरछी नज़र चली है?
शोर हुआ है कूचे में,
कहीं पे बिजली गिरी है।
आहा… आहा… आहा…!
गीतकार: सौरभ शुक्ला
About Ishq Ki Bijli (इश्क की बिजली) Song
यह गाना "इश्क की बिजली" movie "Jab Khuli Kitaab" से है, जिसमें Pankaj Kapur, Dimple Kapadia और Aparshakti Khurana मुख्य कलाकार हैं, यह गाना Applause Entertainment के तहत रिलीज़ हुआ है, गाने के lyrics Saurabh Shukla ने लिखे हैं, और music composer Ritajaya Banerjee तथा music producer Protijoyti Ghosh हैं, vocals में Arnab Chakrabarty, Keka Ghoshal, Amarabha Banerjee, Ritajaya Banerjee, Hanshaduti Kundu, Saurabh Shukla और Protijoyti Ghosh की आवाज़ें शामिल हैं।
गाने के lyrics की बात करें, तो यह प्यार की तीव्र भावनाओं को "बिजली" के रूपक से दर्शाता है, शुरुआत में गाना पूछता है कि दुनिया की तिरछी नज़र क्यों पड़ी और कूचे में शोर मचा है, मानो कहीं बिजली गिरी हो, फिर lyrics में आवारा बादलों का ज़िक्र है, जो उमड़ कर आते हैं और यारों के हाथ थाम कर प्यार के गीत गाते हैं, शहर की फिज़ाओं में दो दिल नाचते हैं, और उड़ने वाले हैरान होकर बैठे यह नज़ारा देख रहे हैं, बीच में गाना कहता है कि जलने वालों का सर्किट शार्ट हो गया और आँख मलने वालों का फ्यूज उड़ गया, यानी प्यार की तीव्रता ने सब कुछ बदल दिया।
आगे के हिस्से में गाना दिल की जिद पर आ जाता है, कहता है कि अब दुनिया का जोड़ नहीं चलेगा और न कोई शोर होगा, जो दिल ने तय किया है वही होगा, lyrics में मशहूर शायर Ghalib का उदाहरण देते हुए कहा गया है कि इश्क़ ने उन्हें भी निकम्मा बना दिया, पर असली कामयाबी तभी मिली जब इश्क़ ने छुआ, अंत में गाना प्यार की कसमें खाता है, कहता है कि अब आँखें चार करेंगे और एक-दूसरे पर मर मिटेंगे, और फिर से वही सवाल दोहराता है कि आखिर दुनिया की तिरछी नज़र क्यों पड़ी, मानो प्यार की बिजली ने सब कुछ हिला दिया हो।