जब खुली किताब के बोल | Pankaj Kapur और Dimple Kapadia की फिल्म का गहरा भावनात्मक गीत। Ritajaya Banerjee की आवाज़ में दिल के राज़ खोलती यह दास्तान। पूरे लिरिक्स पढ़ें।
Jab Khuli Kitaab Lyrics in Hindi – Full Song Lyrics (जब खुली किताब)
दिल की जब खुली किताब,
भारी पड़ गया हिसाब
दिल की जब खुली किताब,
भारी पड़ गया हिसाब
दिल की इन दरारों में
छुप-छुप के रहते हैं ख़्वाब!
दिल की जब खुली किताब,
भारी पड़ गया हिसाब
दिल की जब खुली किताब,
भारी पड़ गया हिसाब
दिल की इन दरारों में
छुप-छुप के रहते हैं ख़्वाब!
अरे कोई कहता अच्छा है
होना खुली किताब
ना कोई राज़, ना कोई भेद,
सीधा सा हिसाब
कहने को तो कहते हैं
जाने क्या-क्या लोग?
पर सच्चाई को पाने का
अजब-ग़ज़ब ये रोग
क्योंकि!
दिल की जब खुली किताब,
भारी पड़ गया हिसाब
दिल की जब खुली किताब,
भारी पड़ गया हिसाब
दिल की इन दरारों में
छुप-छुप के रहते हैं ख़्वाब!
हर लफ़्ज़ -ओ-तहरीर खोले
नए-नए से राज़
घेर ख़िज़ाओं को लाते हैं
अफ़साने हज़ार
हर अफ़साना गाए हैं
अपना-अपना राग
कौन बुझाए जब जंगल में
लगी हुई हो आग...
क्योंकि दिल की...!
गीतकार: सौरभ शुक्ला
About Jab Khuli Kitaab (जब खुली किताब) Song
यह गाना "जब खुली किताब" movie Jab Khuli Kitaab से है, जिसमें Pankaj Kapur, Dimple Kapadia और Aparshakti Khurana नजर आते हैं, यह गाना Applause Entertainment के तहत रिलीज़ हुआ है, गाने के lyrics Saurabh Shukla ने लिखे हैं, composer Ritajaya Banerjee हैं, music producer Protijyoti Ghosh हैं और vocals भी Ritajaya Banerjee के ही हैं।
गाने के बोल बहुत गहरे और भावनात्मक हैं, यह दिल की कहानी कहते हैं, जैसे "दिल की जब खुली किताब, भारी पड़ गया हिसाब", मतलब जब दिल के राज़ खुले तो सबकुछ समझ आया, और दिल की दरारों में ख्वाब छुपे रहते हैं, गाना यह भी कहता है कि लोग कहते हैं खुली किताब होना अच्छा है, कोई राज़ नहीं, सीधा हिसाब, पर सच्चाई पाना एक अजब रोग है, हर शब्द नया राज़ खोलता है और हजारों अफसाने लाता है।
गाने की धुन और आवाज़ emotions को और गहरा करती है, Ritajaya Banerjee के vocals में एक दर्द और ईमानदारी है, music arrangement बहुत सुंदर है, यह गाना उन लोगों के लिए है जो दिल की जटिलताओं को समझते हैं, और जानते हैं कि कभी-कभी सच्चाई बहुत भारी पड़ सकती है, लेकिन फिर भी दिल के अंदर छुपे ख्वाब कभी खत्म नहीं होते।