ना जाने कौन आ गया लिरिक्स (Na Jaane Kaun Aa Gaya Lyrics in Hindi) – Rekha Bhardwaj | Title Track

ना जाने कौन आ गया के बोल | फिल्म का टाइटल ट्रैक Rekha Bhardwaj की जादुई आवाज़ में। रहस्यमयी मेहमान की दस्तक की ये खूबसूरत कहानी।

Na Jaane Kaun Aa Gaya Song Poster from Na Jaane Kaun Aa Gaya

Na Jaane Kaun Aa Gaya Lyrics in Hindi – Full Song Lyrics (ना जाने कौन आ गया)

हाँ.. हाँ.. हाँ.. हाँ..

बातूनी नैनों में मौन आ गया,
ना जाने कौन आ गया
हम्म
अनजाने चौखट पे चैन आ गया,
ना जाने कौन आ गया

नए एकदम नए बोलियाँ बने,
चुप्पियाँ घने
कहे यही कहे
खिड़कियाँ खुलीं,
तितलियाँ उड़ीं

दोपहरी के आँगन में
एक गिलहरी ने देखा है,
पलकों के पनघट पे
कोई तो बैठा है, हम्म..

बागों का फूलों को,
मेलों का झूलों को फोन आ गया,
ना जाने कौन आ गया
बागों का फूलों को,
मेलों का झूलों को फोन आ गया,
ना जाने कौन आ गया
(ना जाने कौन आ गया)

हाँ.. हाँ.. हाँ.. हाँ..
हाँ.. हाँ.. हाँ.. हाँ....!

गीतकार: देवेंद्र अहीरवार


About Na Jaane Kaun Aa Gaya (ना जाने कौन आ गया) Song

यह गाना "ना जाने कौन आ गया" film Na Jaane Kaun Aa Gaya का एक मधुर और रहस्यमयी गीत है, जिसे Rekha Bhardwaj ने अपनी आवाज़ दी है और Devendra Ahirwar ने इसे लिखा व compose किया है, यह गाना एक अचानक आए हुए रहस्यमय व्यक्ति या भावना के बारे में है, जिसने सबकी दुनिया बदल दी, गीत की शुरुआत में बातूनी आँखों में अचानक चुप्पी छा गई है, और अनजाने दरवाजे पर चैन आ गया है, मानो कोई अनजाना व्यक्ति या एहसास जीवन में प्रवेश कर गया हो।

गीत में नए बोल और घनी चुप्पियाँ बनती हैं, खिड़कियाँ खुलती हैं और तितलियाँ उड़ने लगती हैं, जैसे नई उम्मीदों का आगमन हुआ हो, दोपहरी के आँगन में एक गिलहरी ने देखा है कि पलकों के पनघट पर कोई बैठा है, यह इमेजरी एक गहरी आंतरिक शांति या रहस्यमय मेहमान की उपस्थिति का एहसास दिलाती है।

अंत में, गाना बागों के फूलों और मेलों के झूलों को फोन आने की बात करता है, मानो प्रकृति और खुशियाँ भी इस रहस्यमय आगंतुक को बुला रही हों, "ना जाने कौन आ गया" का रिपीट होता हुका हुक यह सवाल बनाए रखता है कि आखिर यह कौन है जो सब कुछ बदल देता है, यह गाना Jatin Sarna, Madhurima Roy और Pranay Pachauri की फिल्म का हिस्सा है, और Dhawan Films Originals के तहत रिलीज़ किया गया है।


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