जलवा मेरे आशिक़ का के बोल | O'Romeo का रूमानी गीत। गुलज़ार साहब के लफ़्ज़ों में प्यार का जलवा। Soba Singh Sitara की सुरीली आवाज़। शाहिद कपूर की फ़िल्म का ये गाना दिल छू लेगा।
Jalwa Lyrics in Hindi – Full Song Lyrics (जलवा मेरे आशिक़ का)
दो पसलियों में क़ैद था
दिल झूम के निकला
शोले की तरह निकला,
फ़लक चूम के निकला
दो पसलियों में क़ैद था
दिल झूम के निकला
शोले की तरह निकला,
फ़लक चूम के निकला
जलवा मेरे आशिक़ का
बड़ी धूम से निकला,
धूम से निकला
धूम, धूम, धूम, धूम,
धूम से निकला
ऐ, धूम से निकला
अरे, झूम, झूम, झूम, झूम,
झूम के निकला
हाय, झूम के निकला
हो..हो..हो..हो..
जलवा मेरे आशिक़ का
बड़ी धूम से निकला
आतिशें गिरी तो पानी जल गया
पाँव के तले दिल मसल गया
आतिशें गिरी तो पानी जल गया
पाँव के तले दिल मसल गया
दिल मसल गया रे,
कोई जान कुचल गया
दिल मसल गया रे,
कोई जान कुचल गया
ओ जाने वाला छेड़ के
किधर निकल गया
लहू की तरह लाल-लाल
सोना जो पिघला
जलवा मेरे आशिक़ का
बड़ी धूम से निकला,
धूम से निकला
धूम, धूम, धूम, धूम,
धूम से निकला
ऐ, धूम से निकला
अरे, झूम, झूम, झूम, झूम,
झूम के निकला
हाय, झूम के निकला
गीतकार: गुलज़ार
About Jalwa (जलवा मेरे आशिक़ का) Song
यह गाना "जलवा मेरे आशिक़ का", movie O'Romeo से है, जिसमें Shahid Kapoor, Triptii Dimri और Avinash Tiwary हैं, यह गाना Jalwa के नाम से जाना जाता है, जिसे composer Vishal Bhardwaj ने compose किया है, और lyrics legendary Gulzar साहब ने लिखे हैं, इसे singer Soba Singh Sitara ने अपनी आवाज़ दी है, यह गाना T-Series के यूट्यूब चैनल पर उपलब्ध है।
गाने के lyrics की बात करें, तो यह एक आशिक़ के जज़्बात को बहुत खूबसूरती से बयां करता है, शुरुआत में गुलज़ार साहब लिखते हैं - "दो पसलियों में क़ैद था, दिल झूम के निकला", यानी दिल पहले सीने में कैद था, लेकिन अब प्यार के जोश में झूम कर बाहर आ गया है, फिर वो आगे कहते हैं कि दिल "शोले की तरह" और "फ़लक चूम के निकला", मतलब यह इतना तेज और उत्साह से भरा है कि आसमान को छू लेता है, मुख्य हुक "जलवा मेरे आशिक़ का, बड़ी धूम से निकला" बार-बार दोहराया जाता है, जो प्यार की ताकत और धूमधाम को दिखाता है, "धूम" और "झूम" शब्दों का जोरदार इस्तेमाल गाने को एक rhythmic energy देता है।
आगे के हिस्से में, lyrics थोड़े दर्द भरे हो जाते हैं, जैसे "आतिशें गिरी तो पानी जल गया, पाँव के तले दिल मसल गया", यहाँ प्यार की गर्मी और चोट का वर्णन है, जहाँ दिल कुचल जाता है, फिर लाइन "ओ जाने वाला छेड़ के, किधर निकल गया" एक बेचैनी और विरह का एहसास दिलाती है, आखिर में "लहू की तरह लाल-लाल, सोना जो पिघला" जैसी लाइनें प्यार की तीव्रता और बलिदान को दर्शाती हैं, पूरा गाना एक emotional journey है, जो प्यार के उत्साह, दर्द और जोश को simple Hindi words में पेश करता है, जिसे हर कोई आसानी से समझ सकता है।