कान्हा के भक्ति भरे बोल | Palak Muchhal और Rahul Suhas की मधुर आवाज़ में। The Kerala Story 2 का यह गीत राधा-कृष्ण के पवित्र प्रेम को समर्पित है। Manoj Muntashir के गहरे शब्दों में डूब जाइए। "कान्हा, कान्हा करूँ, कान्हा, कान्हा रटूँ" का जाप करें और आत्मविभोर हो जाएँ।
Kanha Lyrics in Hindi – Full Song Lyrics (कान्हा)
मोहे आए ना कोई मंत्र कन्हैया
सुनो तुम मेरा मन
पूजेंगे सब प्रेम करेगा
मेरे जैसा तुम्हें कौन?
बस में अब नहीं निगोड़े बाँवरे
खींचती है गलियाँ तोहरी साँवरे
कान्हा, कान्हा करूँ
कान्हा, कान्हा रटूँ
कान्हा, कान्हा जपूँ
रोम-रोम तेरा हो गया,
कान्हा मेरे कान्हा
हाल क्या ये? मेरा हो गया,
कान्हा मेरे कान्हा
रोम-रोम तेरा हो गया..
नील गगन जाने
बहती पवन जाने,
तू क्यूँ जान नहीं पाता?
जमुना में कलकल
जब से है जल,
तब से तेरी है राधा।
नील गगन जाने
बहती पवन जाने,
तू क्यूँ जान नहीं पाता?
जमुना में कलकल
जब से है जल,
तब से तेरी है राधा।
कोई अक्षय नहीं और जाना,
जब से मन में लिखा -
कान्हा, कान्हा।
मैंने गाया है गीतों में तुझको,
तु भी इक दिन मुझे गुनगुनाना।
फागुन वागुन ना जाने रे
राधा भोली,
जिस दिन तू रंग दे चुनरिया,
वो ही मेरी होली।
मेरी नींदों में सो जा
कान्हा, राधा का हो जा,
नींदों में सो जा,
राधा का हो जा।
मैं ही तेरे गीतों की हूँ माधुरी,
होठों से लगा ले जैसे बाँसुरी।
कान्हा-कान्हा करूँ,
कान्हा-कान्हा रटूँ,
कान्हा-कान्हा जपूँ।
रोम-रोम तेरा हो गया,
कान्हा मेरे कान्हा
हाल क्या ये? मेरा हो गया,
कान्हा मेरे कान्हा
रोम-रोम तेरा हो गया..
नील गगन जाने
बहती पवन जाने,
तू क्यूँ जान नहीं पाता?
जमुना में कलकल
जब से है जल,
तब से तेरी है राधा।
नील गगन जाने
बहती पवन जाने,
तू क्यूँ जान नहीं पाता?
जमुना में कलकल
जब से है जल,
तब से तेरी है राधा।
राधा राधा राधा
राधा राधा राधा राधा
राधा राधा राधा
राधा राधा राधा राधा
बंसी में सुर जबसे
तब से तेरी है राधा
जब से ये सृष्टि है
तब से तेरी है राधा
कान्हा कान्हा
मन की आँखों से तू देख रे
राधा-कान्हा, कान्हा-राधा
दोनों एक रे
राधा कान्हा, दोनों एक रे
राधा-कान्हा, कान्हा-राधा
दोनों एक रे....!
गीतकार: मनोज मुंतशिर
About Kanha (कान्हा) Song
यह गाना, जिसका नाम है "कान्हा", movie "The Kerala Story 2" के लिए बनाया गया है, जिसमें Ulka Gupta, Aditi Bhatia और Aishwarya Ojha मुख्य भूमिकाओं में हैं, इस गाने के composer हैं Rahul Suhas, जो खुद भी singers में से एक हैं, और उनके साथ गायिका हैं Palak Muchhal, जबकि lyrics लिखे हैं प्रसिद्ध lyricist Manoj Muntashir ने, और यह गाना Sunshine Music के अंतर्गत रिलीज़ हुआ है।
यह गीत एक भक्ति और प्रेम का मिश्रण है, जो Radha और Kanha (Lord Krishna) के पवित्र रिश्ते को दर्शाता है, lyrics की शुरुआत होती है "मोहे आए ना कोई मंत्र कन्हैया, सुनो तुम मेरा मन" से, जहाँ गायक कहता है कि उसे किसी मंत्र की ज़रूरत नहीं, बस Kanha उसकी बात सुन ले, फिर गीत में आता है "पूजेंगे सब प्रेम करेगा, मेरे जैसा तुम्हें कौन?" यानी सब पूजा करेंगे, लेकिन मेरे जैसा प्रेम कोई नहीं करेगा, गीत में बार-बार "कान्हा, कान्हा करूँ, कान्हा, कान्हा रटूँ" का जाप है, जो एक तरह की भक्ति और ध्यान की स्थिति को दिखाता है, और फिर कहा गया है "रोम-रोम तेरा हो गया, कान्हा मेरे कान्हा", यानी हर रोम-रोम में Kanha का वास हो गया है, गीत में प्रकृति के उदाहरण भी हैं, जैसे "नील गगन जाने, बहती पवन जाने", लेकिन Kanha यह नहीं जान पाते कि Radha उनकी है, और "जमुना में कलकल जब से है जल, तब से तेरी है राधा" यह दिखाता है कि जब से यमुना बह रही है, तब से Radha तुम्हारी हैं, यानी उनका रिश्ता शाश्वत है।
गीत के आगे के हिस्से में, एक बात कही गई है "मैंने गाया है गीतों में तुझको, तु भी इक दिन मुझे गुनगुनाना", यहाँ Radha कहती हैं कि मैंने तुम्हें गीतों में गाया है, अब तुम भी एक दिन मुझे गुनगुनाना, फिर Holi का ज़िक्र है "फागुन वागुन ना जाने रे राधा भोली, जिस दिन तू रंग दे चुनरिया, वो ही मेरी होली", यानी जिस दिन Kanha, Radha की चुनरिया में रंग डालेंगे, वही दिन उनकी Holi होगी, गीत में एक सुंदर पंक्ति है "मैं ही तेरे गीतों की हूँ माधुरी, होठों से लगा ले जैसे बाँसुरी", यहाँ Radha कहती हैं कि मैं तुम्हारे गीतों की मधुरता हूँ, मुझे अपने होठों से लगा लो जैसे बाँसुरी, अंत में गीत का संदेश स्पष्ट होता है "राधा-कान्हा, कान्हा-राधा, दोनों एक रे", यानी Radha और Kanha अलग नहीं, बल्कि एक हैं, उनका प्रेम और आध्यात्मिक जुड़ाव अटूट है, और यह गीत इसी एकता और भक्ति भावना को बहुत ही सुंदर तरीके से व्यक्त करता है।