जनम के नाते छोड़ चली - कवर लिरिक्स (Janam Ke Naate Chhod Chali - Cover Lyrics in Hindi) – Shikha Malhotra | Kaanchli

जनम के नाते छोड़ चली - कवर लिरिक्स पढ़ें। Shikha Malhotra की भावपूर्ण आवाज़ में Kaanchli का यह कवर संस्करण, जिसमें विदाई, रिश्तों और नई ज़िंदगी की भावनाएँ झलकती हैं। पूरे बोल, अर्थ और वीडियो देखें।

Janam Ke Naate Chhod Chali - Cover Song Poster from Kaanchli

Janam Ke Naate Chhod Chali - Cover Lyrics in Hindi – Full Song Lyrics (जनम के नाते छोड़ चली - कवर)

जन्म के नाते छोड़ चली, 
नए-नए बंधन जोड़ चली। 
चली मैं जाने कहाँ अकेली 
अनजान नगरिया रे। 

यहाँ मैं अपने छोड़ चली, 
वहाँ मैं सपने ओढ़ चली। 
चली मैं जाने कहाँ अकेली 
अनजान नगरिया रे। 

पराया देश, बेगाना, 
ढूँढ़ रही मैं कोई पहचाना। 
भीड़ में भी मैं तो हूँ अकेली, 
अनजान नगरिया रे। 

सहमी-सी, घबराई आँखें, 
भय से मेरी भर आई आँखें। 
ज़िंदगी है अनबूझ पहेली, 
अनजान नगरिया रे। 

खुले जब रस्मों के धागे, 
भाव मेरे मन में कुछ जागे। 
ज़िंदगी लगने लगी सहेली, 
अनजान नगरिया रे। 

रिवाज़ों की ऋतु बीत गई, 
रीत की गागर रीत गई। 
रह गई मैं बेजान अकेली, 
अनजान नगरिया रे।

गीतकार: कुसुम जोशी


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About Janam Ke Naate Chhod Chali - Cover (जनम के नाते छोड़ चली - कवर) Song

यहाँ आपको "जनम के नाते छोड़ चली - कवर" गाने के बारे में जानकारी मिलेगी। यह गाना फिल्म "Kaanchli" से लिया गया है, जिसमें Sanjay Mishra, Shikha Malhotra, Nareshpal Singh Chouhan और Lalit Parimoo जैसे कलाकार हैं। इस गाने को Shikha Malhotra ने गाया है, और Music Composer हैं Shivang Upadhyay, Nishant Kamal Vyas और Traditional धुनों पर आधारित है। Lyricist Kusum Joshi ने इसके बोल लिखे हैं, और Music Label Zee Music Company है।

गाने के बोल बहुत भावुक और गहरे हैं। यह एक लड़की की कहानी है, जो अपने जन्म के नाते (परिवार) को छोड़कर कहीं और चली जाती है। वह नए-नए बंधन जोड़ती है, लेकिन उसे अपनी अनजान नगरिया (नई जगह) में अकेलापन महसूस होता है। वह कहती है कि "चली मैं जाने कहाँ अकेली, अनजान नगरिया रे" — यानी वह नहीं जानती कि वह कहाँ जा रही है, लेकिन फिर भी वह अपने सपनों को ओढ़कर चलती है।

आगे के बोल में वह बताती है कि पराया देश और बेगाना लोगों के बीच, भीड़ में भी वह अकेली है। उसकी आँखें सहमी और घबराई हैं, और ज़िंदगी उसे एक अनबूझ पहेली लगती है। लेकिन जैसे-जैसे रस्मों के धागे खुलते हैं, उसके मन में नए भाव जागते हैं और ज़िंदगी उसे सहेली लगने लगती है। आखिर में, रिवाज़ों और रीतों के बीतने पर, वह बेजान और अकेली रह जाती है। यह गाना बताता है कि शादी के बाद एक लड़की को कितनी उलझनों और अकेलेपन का सामना करना पड़ता है, लेकिन धीरे-धीरे वह अपनी नई ज़िंदगी में ढल जाती है।


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Song Details

Song जनम के नाते छोड़ चली - कवर लिरिक्स (Janam Ke Naate Chhod Chali - Cover Lyrics in Hindi) – Shikha Malhotra | Kaanchli
Album Kaanchli Movie Songs Lyrics 2020

Frequently Asked Questions

Which album is "जनम के नाते छोड़ चली - कवर लिरिक्स (Janam Ke Naate Chhod Chali - Cover Lyrics in Hindi) – Shikha Malhotra | Kaanchli" from?

The song is from the album "Kaanchli Movie Songs Lyrics 2020".