उड़ना चाहे मन तितली की तरह लिरिक्स (Udna Chahe Man Titli Ki Tarah Lyrics in Hindi) – Nishant Kamal Vyas | Kaanchli

उड़ना चाहे मन तितली की तरह लिरिक्स पढ़ें। Nishant Kamal Vyas का प्रेरणादायक गीत, जो आज़ादी, सपनों और नई उम्मीदों की भावना को खूबसूरती से व्यक्त करता है। पूरे बोल, अर्थ और वीडियो देखें।

Udna Chahe Man Titli Ki Tarah Song Poster from Kaanchli

Udna Chahe Man Titli Ki Tarah Lyrics in Hindi – Full Song Lyrics (उड़ना चाहे मन तितली की तरह)

बांधे निगाहें झुका के जो डोरी
वो धीमे से खुलती सी जाए
सोई थी मन की
हाँ मर्जी ये अब तक
उसे आज मन ये जगाए

बांधे निगाहें झुका के जो डोरी
वो धीमे से खुलती सी जाए
सोई थी मन की
हाँ मर्जी ये अब तक
उसे आज मन ये जगाए

ये उड़ना चाहे, उड़ना चाहे
मन तितली की तरह
ये उड़ना चाहे, उड़ना चाहे
मन तितली की तरह
ये उड़ना चाहे, उड़ना चाहे
मन तितली की तरह

कैसी कहाँ से ये
रिहाई मिले दिल को
धड़कन ये क्यों मुस्काए
कैसी ख़ुशी सी ये
भरी है जो इस मन में
होंठों से चल के ये जाए

जाने क्यों अपना लगे है
ख्वाहिशों का ये जहाँ
ये उड़ना चाहे, उड़ना चाहे
मन तितली की तरह
ये उड़ना चाहे, उड़ना चाहे
मन तितली की तरह
ये उड़ना चाहे, उड़ना चाहे
मन तितली की तरह
ये उड़ना चाहे, उड़ना चाहे
मन तितली की तरह

ओ ओ ओ ओ ओ ओ
ओ ओ ओ ओ ओ ओ
ओ ओ ओ ओ ओ ओ
ओ ओ ओ ओ ओ ओ

गीतकार: अंश व्यास


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About Udna Chahe Man Titli Ki Tarah (उड़ना चाहे मन तितली की तरह) Song

यहाँ पर गाने **उड़ना चाहे मन तितली की तरह** के बोल (Lyrics) दिए गए हैं, जो फिल्म **Kaanchli** का एक खूबसूरत गीत है। इस गाने को **Nishant Kamal Vyas** ने गाया है, और संगीत **Shivang Upadhyay** और **Nishant Kamal Vyas** ने मिलकर दिया है। इसके बोल **Ansh Vyas** ने लिखे हैं, और यह गाना **Zee Music Company** के लेबल पर रिलीज़ हुआ है। फिल्म में **Sanjay Mishra**, **Shikha Malhotra**, **Nareshpal Singh Chouhan** और **Lalit Parimoo** जैसे कलाकार हैं।

गाने के बोल में मन की एक ख्वाहिश को दिखाया गया है, जो तितली की तरह उड़ना चाहता है। यहाँ पर "बांधे निगाहें झुका के जो, डोरी वो धीमे से खुलती सी जाए" लाइन से पता चलता है कि जो बंधन था, वह धीरे-धीरे खुल रहा है। "सोई थी मन की हां मर्जी ये अब तक, उसे आज मन ये जगाए" का मतलब है कि मन की मर्जी अब तक सोई हुई थी, लेकिन आज वह जाग गई। और फिर मन कहता है कि "ये उड़ना चाहे उड़ना चाहे, मन तितली की तरह", यानी मन को आज़ादी और खुशी चाहिए।

आगे के बोल में पूछा गया है, "कैसी कहाँ से ये रिहाई मिले दिल को, धड़कन ये क्यों मुस्काए", यानी दिल को यह आज़ादी कहाँ से और कैसे मिली, और धड़कन क्यों मुस्कुरा रही है। "कैसी ख़ुशी सी ये भरी है जो इस मन में, होंठों से चल के ये जाए" का अर्थ है कि मन में ऐसी खुशी भरी है जो होंठों तक आ रही है। और अंत में कहा गया है, "जाने क्यों अपना लगे है ख्वाहिशों का ये जहाँ", यानी यह ख्वाहिशों की दुनिया अपनी क्यों लग रही है। यह गाना मन की आज़ादी और खुशी की भावना को बहुत खूबसूरती से बयान करता है।


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Song Details

Song उड़ना चाहे मन तितली की तरह लिरिक्स (Udna Chahe Man Titli Ki Tarah Lyrics in Hindi) – Nishant Kamal Vyas | Kaanchli
Album Kaanchli Movie Songs Lyrics 2020

Frequently Asked Questions

Which album is "उड़ना चाहे मन तितली की तरह लिरिक्स (Udna Chahe Man Titli Ki Tarah Lyrics in Hindi) – Nishant Kamal Vyas | Kaanchli" from?

The song is from the album "Kaanchli Movie Songs Lyrics 2020".