जनम के नाते छोड़ चली लिरिक्स (Janam Ke Naate Chhod Chali Lyrics in Hindi) पढ़ें। Pratibha Singh Baghel की आवाज़ में विदाई और नई शुरुआत की भावनाओं से भरा गीत। पूरे हिंदी बोल, आसान अर्थ, गाने की जानकारी और वीडियो देखें।
Janam Ke Naate Chhod Chali Lyrics in Hindi – Full Song Lyrics (जनम के नाते छोड़ चली)
जन्म के नाते छोड़ चली,
नए-नए बंधन जोड़ चली।
चली मैं जाने कहाँ अकेली
अनजान नगरिया रे।
यहाँ मैं अपने छोड़ चली,
वहाँ मैं सपने ओढ़ चली।
चली मैं जाने कहाँ अकेली
अनजान नगरिया रे।
पराया देश, बेगाना,
ढूँढ़ रही मैं कोई पहचाना।
भीड़ में भी मैं तो हूँ अकेली,
अनजान नगरिया रे।
सहमी-सी, घबराई आँखें,
भय से मेरी भर आई आँखें।
ज़िंदगी है अनबूझ पहेली,
अनजान नगरिया रे।
खुले जब रस्मों के धागे,
भाव मेरे मन में कुछ जागे।
ज़िंदगी लगने लगी सहेली,
अनजान नगरिया रे।
रिवाज़ों की ऋतु बीत गई,
रीत की गागर रीत गई।
रह गई मैं बेजान अकेली,
अनजान नगरिया रे।
गीतकार: कुसुम जोशी
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About Janam Ke Naate Chhod Chali (जनम के नाते छोड़ चली) Song
यह गाना "Janam Ke Naate Chhod Chali" फिल्म "Kaanchli" से है, जिसे Pratibha Singh Baghel ने अपनी सुरीली आवाज़ दी है। इस गाने के बोल Kusum Joshi ने लिखे हैं, और music compose किया है Shivang Upadhyay, Nishant Kamal Vyas और Traditional धुनों ने मिलकर। यह गाना एक लड़की की कहानी है, जो अपने जन्म के रिश्तों को छोड़कर नई ज़िंदगी की ओर बढ़ रही है, जैसे वह "नए-नए बंधन जोड़ चली"। वह अकेली एक अनजान नगर में जा रही है, जहाँ उसे अपना कोई पहचाना नहीं मिलता, लेकिन धीरे-धीरे वह अपनी मंज़िल ढूँढ़ लेती है।
गाने के बोल में उसकी उलझन, डर और अकेलेपन को बहुत खूबसूरती से दिखाया गया है। जैसे वह कहती है "पराया देश, बेगाना, ढूँढ़ रही मैं कोई पहचाना", तो समझ में आता है कि वह बिल्कुल अकेली है और भीड़ में भी उसे कोई अपना नहीं लगता। लेकिन आगे चलकर "खुले जब रस्मों के धागे" और "ज़िंदगी लगने लगी सहेली" जैसे शब्द बताते हैं कि वह धीरे-धीरे अपने डर पर काबू पाती है और नई ज़िंदगी को अपनाने लगती है।
यह गाना न सिर्फ़ एक शादी-विदाई का भाव दिखाता है, बल्कि हर उस इंसान की कहानी है जो अपनी पुरानी दुनिया छोड़कर नई शुरुआत करता है। इसमें रिवाज़ों, रीति-रिवाज़ों और सामाजिक बंधनों को छोड़ने का दर्द भी है, और नए सपनों को ओढ़ने की उम्मीद भी। Zee Music Company के इस गाने को सुनते हुए आप महसूस कर सकते हैं कि कैसे एक लड़की "अनजान नगरिया" में अकेली होते हुए भी अपनी मंज़िल ढूँढ़ लेती है।
Song Details
| Song | जनम के नाते छोड़ चली लिरिक्स (Janam Ke Naate Chhod Chali Lyrics in Hindi) – Pratibha Singh Baghel | Kaanchli |
|---|---|
| Album | Kaanchli Movie Songs Lyrics 2020 |
Frequently Asked Questions
Which album is "जनम के नाते छोड़ चली लिरिक्स (Janam Ke Naate Chhod Chali Lyrics in Hindi) – Pratibha Singh Baghel | Kaanchli" from?
The song is from the album "Kaanchli Movie Songs Lyrics 2020".