राख का दरिया लिरिक्स (Raakh Ka Dariya Lyrics in Hindi) पढ़ें। Divya Kumar की भावपूर्ण आवाज़ में Velle का गहरा और दार्शनिक गीत, जो टूटे सपनों, अकेलेपन और जिंदगी की निराशा को दर्शाता है। पूरे बोल और अर्थ देखें।
Raakh Ka Dariya Lyrics in Hindi – Full Song Lyrics (राख का दरिया)
सोचा था क्या-क्या हो गया।
सब बेवजह सा हो गया।
सौ रास्ते सारे ग़लत,
जो था सही कहीं खो गया।
था खेल सब तो खेल में,
रूठीं कहाँ मनमानियाँ।
नादानियाँ ये क्या हुईं?
दुश्वारियाँ, अब यारियाँ।
आसमानों से भी क्यूँ
तारे भी छीन गए?
रात काली है अब,
रोशन वो दिन गए।
है अँधेरा घना,
जाने हो किस तरह।
वो सुबह...
वो सुबह...
हमसफ़र तन्हा।
दरबदर दुनिया।
किस्मतें रुस्वा।
कश्मकश गलियाँ।
खंजली राहें।
लम्हों में सदियाँ।
मस्करी साँसें।
गुमसुदा खुशियाँ।
आग सीने में।
ख़ाक जीने में।
आख़िरी ये लम्हे।
राख का दरिया।
हैं दरारें क्यों आईने में?
दिल गिरा है किन खाइयों में?
भागते हैं परछाइयों से क्यों?
दिल समुंदर है, लहरें तूफ़ान।
है हवा का भँवर, झोंका।
डूबने को हैं अपनी कश्तियाँ।
बिन डोर की पतंगें हैं।
बिन छोर की सुरंगें हैं।
एक धुंध सी है छाई
अपनी आँखों में।
हमसफ़र तन्हा।
दरबदर दुनिया।
किस्मतें रुस्वा।
कश्मकश गलियाँ।
खंजली राहें।
लम्हों में सदियाँ।
मस्करी साँसें।
गुमसुदा खुशियाँ।
आग सीने में।
ख़ाक जीने में।
आख़िरी ये लम्हे।
राख का दरिया।
गीतकार: सिद्धार्थ - गरिमा
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About Raakh Ka Dariya (राख का दरिया) Song
यह गाना "Raakh Ka Dariya" है, जो फिल्म Velle का एक भावनात्मक और विचारशील सॉन्ग है, इस फिल्म में Abhay Deol, Karan Deol, Anya Singh और Savant Singh Premi जैसे कलाकार हैं, इस गाने को Divya Kumar ने अपनी आवाज़ दी है, जबकि music Sohail Sen ने compose किया है, और lyrics Siddharth - Garima ने लिखे हैं, यह गाना Zee Music Company के label पर release हुआ है, और यह अपने deep और philosophical tone की वजह से listeners को आज भी पसंद आता है।
गाने के बोल ज़िंदगी में हुए अचानक बदलाव और निराशा की भावना को बताते हैं, "सोचा था क्या-क्या हो गया, सब बेवजह सा हो गया" जैसी lines दिखाती हैं कि इंसान जब अपने सपनों को टूटता देखता है तो सब कुछ बेमतलब लगता है, "सौ रास्ते सारे ग़लत, जो था सही कहीं खो गया" यह कहकर यह बताया गया है कि सही रास्ता भी खो गया है, वहीं "रात काली है अब, रोशन वो दिन गए" और "है अँधेरा घना" जैसे शब्द उदासी और अंधेरे के माहौल को दिखाते हैं, इसके अलावा "आग सीने में, ख़ाक जीने में" और "आख़िरी ये लम्हे, राख का दरिया" गाने के title के साथ जुड़कर यह संकेत देते हैं कि जीवन अब राख की नदी की तरह बेकार और बर्बाद लगता है।
आगे के lyrics में और भी गहरे symbols मिलते हैं, जैसे "हैं दरारें क्यों आईने में? दिल गिरा है किन खाइयों में?" यानी आत्म-पहचान में दरार पड़ गई है और दिल किसी गहरी खाई में गिर गया है, "बिन डोर की पतंगें हैं, बिन छोर की सुरंगें हैं" यह बताता है कि अब किसी भी चीज़ का सहारा या अंत नहीं दिखता, "हमसफ़र तन्हा, दरबदर दुनिया" जैसे lines अकेलापन और भटकाव दिखाती हैं, वहीं "खंजली राहें, लम्हों में सदियाँ" और "मस्करी साँसें, गुमसुदा खुशियाँ" कहकर लेखक ने समय के बोझ और खोई खुशियों का अहसास कराया है, कुल मिलाकर "Raakh Ka Dariya" एक दार्शनिक और उदास गाना है, जो दिल छू जाने वाले शब्दों और Sohail Sen के emotive music के साथ आधुनिक जीवन की बेचैनी और निराशा को बहुत ही प्रभावी ढंग से पेश करता है।
Song Details
| Song | Raakh Ka Dariya |
|---|---|
| Album | Velle |
| Singer | Divya Kumar |
| Lyricist | Siddharth - Garima |
| Composer | Sohail Sen |
| Release Date | 23 November 2021 |
| YouTube Video | Watch on YouTube |
Frequently Asked Questions
Who sang the song "Raakh Ka Dariya"?
The song was sung by Divya Kumar.
Who wrote the lyrics of "Raakh Ka Dariya"?
The lyrics were written by Siddharth - Garima.
Who composed the music for "Raakh Ka Dariya"?
The music was composed by Sohail Sen.
Which album is "Raakh Ka Dariya" from?
The song is from the album "Velle".
When was "Raakh Ka Dariya" released?
The song was released on 23 November 2021.