खरतर के बोल | The Legacy Of Jineshwar का उत्साहवर्धक और ध्यानमग्न ट्रैक। Kailash Kher की दमदार आवाज़। एक ऐसा गीत जो आत्मिक शक्ति और साधना की ओर प्रेरित करता है।
Khartar Lyrics in Hindi – Full Song Lyrics (खर्तर)
जिन आज्ञा पाले गुरु आधारे
बढ़ चले संयम को धारे
आत्म धारे आत्म धारे आत्म धारे
जिन आज्ञा पाले गुरु आधारे
बढ़ चले संयम को धारे
आत्म धारे आत्म धारे आत्म धारे
लड़खड़ाते वक्त की आवाज खरतर
सम्यक्त्व की प्रभुता का आगाज़ खरतर
एक ही गूंज है, एक ही गूंज है
एक ही गूंज है आत्मा में आज खरतर
सन सनन सन सनन
हर साँस खरतर
झन झनन झन झनन
झनकार खरतर
सन सनन सन सनन
हर साँस खरतर
झन झनन झन झनन
झनकार खरतर
हो ओ..हो ओ..ओ.. हो
सत्य की शहनाईयों का नाद खरतर
सौर्य की उचाईयों का स्वाद खरतर
वर्ध मानिके ज्ञान का निष्कर्ष खरतर
जिनेश्वर की साधना का स्पर्श खरतर
एक ही गूंज है, एक ही गूंज है
एक ही गूंज है आत्मा में आज खरतर
सन सनन सन सनन
हर साँस खरतर
झन झनन झन झनन
झनकार खरतर
सन सनन सन सनन
हर साँस खरतर
झन झनन झन झनन
झनकार खरतर
हो ओ..हो ओ..ओ.. हो
समर्पण की भावना का साज खरतर
संकल्प की गहराईयों का राज खरतर
दादागुरु की करुणा का उपकार खरतर
सुईपीयुष के प्रेम का विस्तार खरतर
एक ही गूंज है, एक ही गूंज है
एक ही गूंज है आत्मा में आज खरतर
सन सनन सन सनन
हर साँस खरतर
झन झनन झन झनन
झनकार खरतर
सन सनन सन सनन
हर साँस खरतर
झन झनन झन झनन
झनकार खरतर
जिन आज्ञा पाले गुरु आधारे
बढ़ चले संयम को धारे
आत्म धारे आत्म धारे आत्म धारे
जिन आज्ञा पाले गुरु आधारे
बढ़ चले संयम को धारे
आत्म धारे आत्म धारे आत्म धारे...!!!
गीतकार: प्रशांत बेयबार
About Khartar (खर्तर) Song
यह गाना "खर्तर" है, जो movie "The Legacy Of Jineshwar" का हिस्सा है, इसे Saregama Music ने release किया है। इस गाने को singer Kailash Kher ने अपनी powerful आवाज़ में गाया है, music composer Vipin Patwa ने इसे compose किया है, और lyrics Prashant Beybaar ने लिखे हैं। यह गाना एक spiritual और inspirational theme पर आधारित है, जो जैन धर्म के teachings और साधना से जुड़ा हुआ है। lyrics में "जिन आज्ञा पाले गुरु आधारे, बढ़ चले संयम को धारे" जैसे lines हैं, जो गुरु के मार्गदर्शन और self-discipline की importance को दर्शाते हैं, साथ ही "आत्म धारे" का repetition आत्म-साक्षात्कार और inner strength पर focus करता है।
गाने के lyrics में "खर्तर" शब्द को बार-बार दोहराया गया है, जो एक symbolic sound या spiritual vibration का प्रतीक है। lines जैसे "लड़खड़ाते वक्त की आवाज खरतर, सम्यक्त्व की प्रभुता का आगाज़ खरतर" बताते हैं कि यह गाना life के challenges और righteousness की victory के बारे में है। इसमें "सन सनन" और "झन झनन" जैसे onomatopoeic sounds हैं, जो हर साँस और spiritual echo को represent करते हैं, जिससे गाना deeply meditative और rhythmic feel देता है। lyrics में "सत्य की शहनाईयों का नाद खरतर" और "जिनेश्वर की साधना का स्पर्श खरतर" जैसे references हैं, जो truth, devotion, और Lord Jineshwar की spiritual practice से connection दिखाते हैं।
गाना आगे चलकर "समर्पण की भावना का साज खरतर" और "दादागुरु की करुणा का उपकार खरतर" जैसे lines के साथ surrender, determination, और compassion के themes को explore करता है। यह एक unifying message देता है, जैसे "एक ही गूंज है आत्मा में आज खरतर", जो soul की एकता और inner voice की importance को highlight करता है। overall, यह गाना एक powerful और uplifting composition है, जो listeners को spiritual reflection और inner peace की ओर inspire करता है, इसमें Kailash Kher की emotive singing, Vipin Patwa का soulful music, और Prashant Beybaar के meaningful lyrics का perfect combination है।