जी लिया (रिप्राइज़) के बोल | Tu Yaa Main फिल्म का आत्मिक गीत। Adarsh Gourav और Lothika की सुरीली आवाज़। खोज से मिलन तक की यात्रा। पूरे लिरिक्स पढ़ें।
Jee Liya - Reprise Lyrics in Hindi – Full Song Lyrics (जी लिया)
रात भर, चल के रात भर
ये कहाँ मैं ठहरा?
दरबदर, घुमा दरबदर
हर जगह था पहरा
जागा,
खुद में मैं ही जागा
दुनिया भर से भागा
मेरा है ये पल,
ये पल, ये पल
होके रिहा,
ये दिल है जी लिया..
होके रिहा,
ये दिल है.. जी लिया..
सपनों का घूंट मैंने
पी लिया..
जी लिया.. हाँ जी लिया...
लफ्ज़, मेरे अधूरे हैं
ख्वाहिशों की धुंध में
भूले बिसरें हैं
धुन, शहरों की रातों के
बेचैनियों का राग गूंजी है
तारा,
टूटा जब वो तारा
जेबों में भर सारा
हासिल कर लिया,
लिया, लिया
होके रिहा,
ये दिल है जी.. लिया
होके रिहा,
ये दिल है जी.. लिया
खामोशियों को मैंने
सुन लिया
जी लिया.. जी लिया...
जी लिया...!
गीतकार: चकोरी द्विवेदी
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About Jee Liya - Reprise (जी लिया) Song
यह गाना "जी लिया" है, जो Tu Yaa Main मूवी का है, इसमें Shanaya Kapoor और Adarsh Gourav मुख्य कलाकार हैं, यह गाना Jee Liya (Reprise) के नाम से भी जाना जाता है, इसे Adarsh Gourav और Lothika ने गाया है, साथ में Aditya N. और Lothika ने बैकिंग वोकल्स दिए हैं, गाना Aditya N. द्वारा प्रोड्यूस किया गया है, और संगीत Adarsh Gourav तथा Aditya N. द्वारा तैयार किया गया है, गीत Chakori Dwivedi द्वारा लिखे गए हैं, और यह Zee Music Company पर उपलब्ध है।
गीत की शुरुआत में ही एक अहसास दिखता है, "रात भर, चल के रात भर, ये कहाँ मैं ठहरा?", यहाँ एक भटकाव और खोज का भाव है, फिर "दरबदर, घुमा दरबदर, हर जगह था पहरा" से एक तनहाई और रुकावट का एहसास होता है, लेकिन अचानक गीत का मूड बदलता है, "जागा, खुद में मैं ही जागा, दुनिया भर से भागा", यहाँ आत्म-जागरण और आज़ादी का संदेश मिलता है, और फिर अंतरा आता है, "होके रिहा, ये दिल है जी लिया... सपनों का घूंट मैंने पी लिया.. जी लिया", यह पंक्तियाँ जीवन को पूरी तरह जी लेने, हर पल को भरपूर महसूस करने की भावना को दर्शाती हैं।
आगे के बोल में, "लफ्ज़, मेरे अधूरे हैं, ख्वाहिशों की धुंध में भूले बिसरें हैं", यहाँ अपूर्ण इच्छाओं और धुंधले सपनों का ज़िक्र है, फिर "धुन, शहरों की रातों के बेचैनियों का राग गूंजी है" से शहरी जीवन की बेचैनी और संगीत के जरिए उसे अभिव्यक्त करने का भाव उभरता है, गीत का चरम "तारा, टूटा जब वो तारा, जेबों में भर सारा, हासिल कर लिया" पर आता है, जो एक सफलता, कुछ पा लेने की खुशी को दिखाता है, और अंत में, "खामोशियों को मैंने सुन लिया, जी लिया" के साथ गाना समाप्त होता है, यह पंक्ति गहरी शांति और आत्मसाक्षात्कार की ओर इशारा करती है, कुल मिलाकर, यह गाना भटकाव से शुरू होकर आत्म-खोज, आज़ादी, और जीवन को पूरी तरह जी लेने की एक सुंदर यात्रा को दर्शाता है।
Song Details
| Song | Jee Liya - Reprise |
|---|---|
| Album | Tu Yaa Main |
Frequently Asked Questions
Which album is "Jee Liya - Reprise" from?
The song is from the album "Tu Yaa Main".