चिलम तंबाकू को डब्बा लिरिक्स (Chilam Tambaku Ko Dabba Lyrics in Hindi) – Akashdeep Sengupta, Mukund Suryawanshi | Subedaar

चिलम तंबाकू को डब्बा के लिरिक्स | Subedaar का ऊर्जा से भरपूर लोकगीत। अकाशदीप और मुकुंद की जोशीली आवाज़ में यह गाना देगा देसी अंदाज़ का मज़ा।

Chilam Tambaku Ko Dabba Song Poster from Subedaar

Chilam Tambaku Ko Dabba Lyrics in Hindi – Full Song Lyrics (चिलम तंबाकू को डब्बा)

देखो, लोकगीत'न में एक आपने 
बहुत पहले सुनो होइए — डब्बा भाई बा। 
डब्बा.. डब्बा.. ए डब्बा.. डब्बा.. 

अरे कीने फेंक दओ जाल, 
फँस गई जल मछरी, 
मोड़ा मोड़ी के खुल गए भाग 
फँस गई जल मछरी, 
अरे कीने फेंक दओ जाल, 
फँस गई जल मछरी। 

ए, लगी-लगी-लगी-लगी, 
लात ससुरी ऐसी लगी, 
स्टाइल हुआ सर से सन्नाटा। 

ए, लगी-लगी-लगी-लगी, 
आग सुलगी कैसी लगी, 
दिल ये भरे, फर से फर्राटा। 

ए, इधर-उधर, यहाँ-वहाँ, 
ठर्राता है सारा जहाँ, 
ऐसी है अपनी धाक। 
जो मेरा उखाड़ ले, 
वो साला नहीं कोई यहाँ, 
जा दिखा ले औकात..। 

अरे, कहने लगे मोसे बब्बा, 
तेरी बहुरी के… 
कहने लगे मोसे बब्बा — 
कहाँ गओ चिलम तंबाकू को डब्बा? 
कहाँ गओ चिलम तंबाकू को डब्बा? 
कहाँ गओ चिलम तंबाकू को डब्बा? 

अरे, कहन लगे मोसे बब्बा, 
कहन लगे मोसे बब्बा, 
कहाँ गओ चिलम तंबाकू को डब्बा? 
कहाँ गओ चिलम तंबाकू को डब्बा? 
कहाँ गओ चिलम तंबाकू को डब्बा? 
डब्बा.. डब्बा.. ए डब्बा.. डब्बा.. 

अरे, भोजन परोसे, पातल परोसे 
पातल परोसे, पानी परोसे 
भोजन परोसे, पातल परोसे 
पातल परोसे, पानी परोसे 

राजू से कह रहे बब्बा, 
हाँ हाँ, राजू से कह रहे बब्बा — 

चिलम तंबाकू को… 
चिलम तंबाकू को… 
चिलम तंबाकू को डब्बा… 
कहाँ गओ चिलम तंबाकू को डब्बा? 
कहाँ गओ चिलम तंबाकू को डब्बा? 

अरे, कहन लगे मोसे बब्बा, 
कहन लगे मोसे बब्बा, 
कहाँ गओ चिलम तंबाकू को डब्बा? 
कहाँ गओ चिलम तंबाकू को डब्बा? 
कहाँ गओ चिलम तंबाकू को डब्बा?

गीतकार: राजू चौरसिया, पंकज सिन्हा


About Chilam Tambaku Ko Dabba (चिलम तंबाकू को डब्बा) Song

यह गाना "चिलम तंबाकू को डब्बा" movie Subedaar से है, जिसमें Anil Kapoor, Radhikka Madan, Saurabh Shukla जैसे stars हैं, और music label T-Series ने इसे release किया है। यह गाना एक energetic और folk-style recreation है, जिसे Agram ने music दिया है और Akashdeep Sengupta व Mukund Suryawanshi ने गाया है, साथ ही additional lyrics Pankaj Sinha के हैं। यह गाना दरअसल एक traditional folk song पर आधारित है, जिसका original version Kanhaiya Cassette Pvt Ltd और Kanhaiya Lok Sangeet से licensed है, original singers Ramkumar Prajapati, Savita Raj और Ramrati Kushwaha हैं, original composition और lyrics Ramkumar Prajapati, Raju Chaurasiya और Sanjay Pachori द्वारा तैयार किए गए थे।

इस गाने के lyrics में एक lively और humorous story सुनाई देती है, जहाँ एक character अपने "चिलम तंबाकू के डब्बे" को ढूंढ रहा है और बार-बार पूछता है "कहाँ गओ चिलम तंबाकू को डब्बा?"। lyrics में everyday life के scenes और emotions को बहुत catchy तरीके से दिखाया गया है, जैसे "अरे कीने फेंक दओ जाल, फँस गई जल मछरी" जो एक metaphor के रूप में किसी मुसीबत में फंसने की भावना दर्शाता है। गाने में rhythm और beats बहुत energetic हैं, जो इसे dance-friendly बनाते हैं, और repetitive lines जैसे "लगी-लगी-लगी-लगी" या "डब्बा.. डब्बा.." listener के mind में easily stick हो जाते हैं।

गाने के later part में lyrics family और relationships के playful पहलुओं को touch करते हैं, जैसे "कहने लगे मोसे बब्बा, तेरी बहुरी के..." और "भोजन परोसे, पातल परोसे", जो एक typical Indian household के humorous interactions को दिखाता है। overall, यह गाना अपनी lively composition, catchy lyrics और strong folk vibes के कारण listeners को instantly connect कर लेता है, और यह movie Subedaar के mood को perfectly reflect करता है, जिससे यह एक memorable और enjoyable track बन जाता है।


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