मिलते हैं ना के बोल | Mohan Kannan की मार्मिक आवाज़ में Dhak Dhak का यह भावुक गीत। दूरियों, अधूरे मिलन और उम्मीद की गहरी भावनाओं को बयां करता है।
Miltay Hain Na Lyrics in Hindi – Full Song Lyrics (मिलते हैं ना)
ये कहाँ ले आया हूँ मैं?
खुद को
ज़मीन पे पैर टिकते नहीं
टिकते नहीं
ये कहाँ ले आया हूँ मैं?
खुद को
ये ज़मीन
आसमान से मिलती है ना
शाम भी कहीं
सुबह से मिलती है ना
मिलती है ना, मिलती है ना
वहाँ मिलते हैं ना
वहाँ मिलते हैं ना...
मिलते हैं ना, मिलते हैं ना
मिलते हैं ना, मिलते हैं ना
मिलते हैं ना
उजालों को
परछाइयों से नापते हैं ना
ख़यालों से
हम बादलों को नापते हैं ना
हक़ीक़त का क्या है?
सपनों में मिलते हैं ना
किस्सों के पन्नों में हम-तुम
मिलते हैं ना.. हाँ..
मिलते हैं ना, हाँ.. मिलते हैं ना
वहाँ मिलते हैं ना
हाँ मिलते हैं ना, मिलते हैं ना
मिलते हैं ना, मिलते हैं ना
हाँ.. मिलते हैं ना...!
गीतकार: मोहन कन्नन
About Miltay Hain Na (मिलते हैं ना) Song
यह गाना "मिलते हैं ना" है, जो फिल्म "Dhak Dhak" से है, इस फिल्म में Ratna Pathak Shah, Dia Mirza, Fatima Sana Shaikh और Sanjana Sanghi मुख्य भूमिकाओं में हैं, गाने को Mohan Kannan ने लिखा, संगीत दिया और गाया है, साथ ही गिटार भी बजाया है, production Aditya Pushkarna ने किया है और additional vocals Shannon Donald के हैं, यह गाना Zee Music Company के अंतर्गत आता है।
गाने के बोल एक गहरी भावनात्मक यात्रा को दर्शाते हैं, शुरुआत में गायक खुद से पूछता है, "ये कहाँ ले आया हूँ मैं खुद को?", उसे लगता है जैसे उसके पैर जमीन पर टिक नहीं पा रहे, फिर वह प्रकृति और जीवन के विरोधाभासों के बारे में गाता है, जैसे कि जमीन और आसमान का न मिलना, शाम और सुबह का अलग होना, यह दर्शाता है कि कैसे कुछ चीजें हमेशा एक-दूसरे से दूर रहती हैं।
आगे के बोलों में, गाना और गहराई तक जाता है, गायक कहता है कि हम उजालों को परछाइयों से नहीं नाप सकते, और न ही खयालों से बादलों को माप सकते हैं, वह सवाल करता है, "हक़ीक़त का क्या है?", और फिर जवाब देता है कि हकीकत में शायद हम सपनों में, या किस्सों की किताबों के पन्नों में ही मिल पाते हैं, यह गाना अधूरे मिलन, दूरियों और उम्मीद की भावनाओं को बहुत खूबसूरती से व्यक्त करता है, और बार-बार दोहराया गया "मिलते हैं ना" इस भावना को और मजबूती देता है।