सड़के सड़के लिरिक्स (Sadke Sadke Lyrics in Hindi) – Rashmeet Kaur | Dhak Dhak

सड़के सड़के के लिरिक्स | Rashmeet Kaur की दमदार आवाज़ में Dhak Dhak का एम्पॉवरिंग एंथम। जीवन की राह में आने वाली मुश्किलों को पार करने की प्रेरणा देता यह गीत।

Sadke Sadke Song Poster from Dhak Dhak

Sadke Sadke Lyrics in Hindi – Full Song Lyrics (सड़के सड़के)

खामोशी में मा खामोशी में
खामोशी में मा खामोशी में

सड़के-सड़के जाँदिये मुटियारे नीं
कंडा चुभा तेरे पैर बाँकिये नारे नीं
ओये, नी अड़िये
कंडा चुभा तेरे पैर बाँकिये नारे नीं,
ओये

सड़के-सड़के, सड़के-सड़के

तुझे लगता है कमजोर बड़ी है
एक कांटा चुभा तो
कुड़ी रो ही पड़ी है

कुछ भी किया तो ऐसे क्यों किया?
कुछ भी किया तो वैसे क्यों किया?
बहुत हुआ मेरा अब सहते-सहते

सड़के-सड़के
सड़के-सड़के जाँदिये मुटियारे नीं
कंडा चुभा तेरे पैर बाँकिये नारे नीं
ओये, नी अड़िये
कंडा चुभा तेरे पैर बाँकिये नारे नीं,
ओये

हो कोई फूल दिखे तो
ओहनू तोड़ना क्यों है?
जो तुझसा ना हो
ओहनू छेड़ना क्यों है?

मेरी सोच पे रोक लगाने वाले
कान खोल के सुन
नहीं गाने वाली मैं
दिन रात बस तेरे गुण

जीना है अब मुझको
खुल के खुल के
सड़के-सड़के हाय सड़के-सड़के
सड़के-सड़के जाँदिये मुटियारे नीं
कंडा चुभा तेरे पैर बाँकिये नारे नीं
ओये, नी अड़िये
कंडा चुभा तेरे पैर बाँकिये नारे नीं,
ओये...!

गीतकार: ओशो जैन


About Sadke Sadke (सड़के सड़के) Song

यह जानकारी Dhak Dhak movie के गाने "सड़के सड़के" के बारे में है, जो Zee Music Company पर उपलब्ध है। यह गाना Rashmeet Kaur की आवाज़ में है और इसके Music और Lyrics Osho Jain ने तैयार किए हैं, movie में Ratna Pathak Shah, Dia Mirza, Fatima Sana Shaikh और Sanjana Sanghi मुख्य भूमिकाओं में हैं। गाने की शुरुआत "खामोशी में मा खामोशी में" लाइन से होती है, जो एक गहरी भावनात्मक स्थिति को दर्शाती है, फिर गाना "सड़के-सड़के जाँदिये मुटियारे नीं" पर आगे बढ़ता है, जिसमें एक संदेश है कि जीवन की राह में आने वाली मुश्किलें, जैसे पैर में कांटा चुभना, हमें रोकने नहीं बल्कि आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती हैं।

गाने के lyrics में एक कहानी है जहाँ एक character खुद को कमजोर महसूस करता है, एक छोटी सी चोट या "कांटा चुभना" भी उसे रुला देता है, और वह सवाल करता है कि "कुछ भी किया तो ऐसे क्यों किया?", यह जीवन के संघर्ष और थकान को दिखाता है, जैसे "बहुत हुआ मेरा अब सहते-सहते"। फिर गाना एक सशक्त संदेश देता है, जहाँ यह कहा जाता है कि अगर कोई फूल दिखे तो उसे तोड़ने की जरूरत नहीं, या जो तुम्हारे जैसा न हो उसे छेड़ने की जरूरत नहीं, यह समाज के दबाव और नकारात्मक सोच के खिलाफ आवाज उठाता है।

अंत में, गाना एक प्रेरणादायक स्वर में बदलता है, जहाँ गायिका कहती है कि "मेरी सोच पे रोक लगाने वाले, कान खोल के सुन", यह दर्शाता है कि वह अब दूसरों की राय से प्रभावित नहीं होगी, और "जीना है अब मुझको खुल के खुल के" के जरिए स्वतंत्रता और आत्मविश्वास का संदेश देती है, "सड़के-सड़के" का रिपीट इस यात्रा और आगे बढ़ने के जज्बे को मजबूती देता है, यह गाना overall एक empowering anthem है जो life के ups और downs को accept करते हुए courage के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।


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