कहाँ शुरू कहाँ ख़तम के लिरिक्स – ध्वनि भानुशाली और विस्मय पटेल। मशहूर क्लासिक का यह नया रूप। प्यार की उलझी हुई दास्तां को बयां करते बोल यहाँ पढ़ें।
Kahan Shuru Kahan Khatam Lyrics in Hindi – Full Song Lyrics (कहाँ शुरू कहाँ ख़तम)
तेरे मेरे बीच में
जो बेतुकी सी बात हो रही है
आ रहा है जी मज़ा
यूँ ही मुस्कुरा रहे हैं
बैठे बैठे अब तो होश
होश हो गए है लापता
रुके ना मेरे ख़्वाबों में
तेरा तेरे ख़यालों में
मेरा यूँ रात दिन आना जाना
के अजनबी थे हम कभी
मगर ज़रा भी अब नहीं
हुआ है क्या? ज़रा हमें ये समझाना
अजीब दास्तां है ये
कहाँ शुरू? कहाँ खतम?
ये मंज़िलें हैं कौन सी
ना वो समझ सके ना हम
अजीब दास्तां है ये
कहाँ शुरू? कहाँ खतम?
ये मंज़िलें हैं कौन सी
ना वो समझ सके ना हम
या तो सीधा सीधा मुझसे तू कह दे
कि तेरे दिल में है क्या?
ऐसे मुझसे टेढ़ी मेढ़ी उल्टी सीधी
पहेली तो ना बुझा
तुमसे दिल लगा के बैठे
थक गए थे सहते सहते
थम गए हैं जिस जगह है तू मिला
कोई तो वजह भी होगी
हम मिले जो दोनों ऐसे
खामखाँ नहीं हमारा सिलसिला
रुके ना मेरे ख़्वाबों में
तेरा तेरे ख़यालों में
मेरा यूँ रात दिन आना जाना
के अजनबी थे हम कभी
मगर ज़रा भी अब नहीं
हुआ है क्या? ज़रा हमें ये समझाना
अजीब दास्तां है ये
कहाँ शुरू? कहाँ खतम?
ये मंज़िलें हैं कौन सी
ना वो समझ सके ना हम
अजीब दास्तां है ये
कहाँ शुरू? कहाँ खतम?
ये मंज़िलें हैं कौन सी
ना वो समझ सके ना हम
गीतकार: शैलेंद्र, आईपी सिंह
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About Kahan Shuru Kahan Khatam (कहाँ शुरू कहाँ ख़तम) Song
यह गाना "कहाँ शुरू कहाँ ख़तम" है, जो एक नया version है पुराने classic गाने का, original singer Lata Mangeshkar थीं और composer थे Shankar Jaikishan, lyrics लिखे थे Shailendra ने, अब इस नए version में singers हैं Dhvani Bhanushali और Vismay Patel, new version composed किया है Akshay & Ip ने और new lyrics लिखे हैं Ip Singh ने, यह गाना movie "Kahan Shuru Kahan Khatam" से है जिसमें Dhvani Bhanushali और Aashim Gulati हैं, music Saregama Music पर उपलब्ध है।
गाने के lyrics बहुत खूबसूरत हैं और एक प्यार भरी कहानी कहते हैं, शुरुआत में गाना कहता है "तेरे मेरे बीच में जो बेतुकी सी बात हो रही है, आ रहा है जी मज़ा", यानी दो लोगों के बीच एक अजीब सी बातचीत चल रही है जो मज़ेदार है, फिर कहते हैं "बैठे बैठे अब तो होश हो गए हैं लापता", मतलब वो इतने खो गए हैं इस feeling में कि होश ही नहीं रहा, गाना आगे कहता है "रुके ना मेरे ख़्वाबों में तेरा तेरे ख़यालों में मेरा यूँ रात दिन आना जाना", ये बताता है कि वो व्यक्ति दिन रात सपनों और ख्यालों में उसके प्यार के बारे में सोचता रहता है।
फिर गाने का मुख्य भाग आता है जो पूछता है "अजीब दास्तां है ये, कहाँ शुरू? कहाँ खतम?", ये lines इस रिश्ते की उलझन को दिखाती हैं, वो समझ नहीं पा रहे कि ये प्यार की कहानी कहाँ से शुरू हुई और कहाँ जाकर खतम होगी, गाना कहता है "ना वो समझ सके ना हम", यानी ना तो वो और ना ही वह समझ पा रहे हैं इस feeling को, आखिरी verses में गाना पूछता है "कोई तो वजह भी होगी, हम मिले जो दोनों ऐसे", मतलब उनकी मुलाकात कोई coincidence नहीं बल्कि एक वजह से हुई है, overall, यह गाना प्यार की उलझन, खुशी और एक अजीब सी जादुई feeling को बहुत ही सुंदर शब्दों में बयां करता है।
Song Details
| Song | कहाँ शुरू कहाँ ख़तम लिरिक्स (Kahan Shuru Kahan Khatam Lyrics in Hindi) – Dhvani Bhanushali, Vismay Patel |
|---|---|
| Album | Kahan Shuru Kahan Khatam Movie Songs Lyrics 2024 |
Frequently Asked Questions
Which album is "कहाँ शुरू कहाँ ख़तम लिरिक्स (Kahan Shuru Kahan Khatam Lyrics in Hindi) – Dhvani Bhanushali, Vismay Patel" from?
The song is from the album "Kahan Shuru Kahan Khatam Movie Songs Lyrics 2024".