लानत लिरिक्स (Laanat Lyrics in Hindi) – Ashwin Verma | Firaaq

लानत के बोल। 'फिराक़' EP का सबसे गहरा दर्द भरा गीत। Ashwin Verma की आवाज़ में निराशा और अकेलेपन की कविता।

Laanat Song Poster from Firaaq

Laanat Lyrics in Hindi – Full Song Lyrics (लानत)

क्या पता है? तुम्हे कैसे रोता है दिल 
जब दुआ भी करो और खुदा ना मिले 
क्या पता है? तुम्हे कैसे जलता है दिल 
वफादारो से जब वफा ना मिले 

ये दुनिया कहती है, वो उसकी मर्जी थी 
अगर ये मर्जी है फिर मुझे 
है लानत बड़ी ऐसे हुस्न पर 
जिसे छूने वाले हो हाथ कहीं 
गर हो फिर कहानी का अंत वही 
वो फिर से पढ़ने वाली किताब नहीं 

हाँ मैं बिगड़ा शराबी, किसी की सुनता नहीं 
तेरे यारों को लगता है 
बस कलाकार हूँ गुंडा नहीं 
जबसे जाना हूँ दुनिया, जानी दुनियादारी 
तबसे ठानी है बस 
बनना किसी के प्यार में कुत्ता नहीं 

वो क्या तेरी खुशियाँ समझेगा 
जो तेरे आँसू समझा नहीं 
वो बसा बैठे नया घर अपना 
पर तू आज भी बदला नहीं 

हाँ तू भगवान नही प्यारे 
खामियाँ सबमे होती है 
पर गिरती है इज़्ज़त जहाँ 
प्यार की गुलामी होती है 

उसके साथ में, पर दिल में है कोई 
अगर ये प्यार है फिर मुझे 
है लानत बड़ी ऐसे हुस्न पर 
जिसे छूने वाले हो हाथ कहीं 
गर हो फिर कहानी का अंत वही 
वो फिरसे पढ़ने वाली किताब नहीं 

सीधी बात लगती है बकवास 
तो ना आना मेरे पास पूरा कर दूंगा नाश 
चाहे कितने हो खास 
चाहे कितने हो दूर चाहे कितने हो पास 
चाहे किसी के हो मालिक, 
चाहे किसी के हो दास 
लेके आना मेरे पास मुझे जिसकी तलाश 
होगी वही मेरी खास 
होगी वही मेरा दिल होगी वही आस होगी 
वही मेरी दोस्त और वही खुदा 

ये ख्वाहिशें मेरी, हद के पार हो गयी है 
ये इश्क मोहब्बत वाली बातें 
अब बेकार हो गयी है 
वो जो मेरी आँखों से भी आँखें 
मिला पाती नही थी 
कल तक मासूम थी बोहत 
अब समझदार हो गयी है 

जो बेच बैठे हो, खुद का ईमान ही अब 
हर चीज़ प्यार भी तो नहीं 
है लानत बड़ी ऐसे हुस्न पर 
जिसे छूने वाले हो हाथ कहीं 
गर हो फिर कहानी का अंत वही 
वो फिरसे पढ़ने वाली किताब नहीं

गीतकार: अश्विन वर्मा


About Laanat (लानत) Song

यह गाना "लानत", Ashwin Verma के EP "Firaaq" का हिस्सा है, जो 2024 का एक दर्द भरा गाना है, इसमें Ashwin Verma ने खुद गाया है, लिरिक्स लिखे हैं और म्यूजिक भी दिया है। गाने की लिरिक्स एक टूटे हुए दिल की आवाज़ हैं, जो प्यार में धोखा और अकेलेपन की कहानी कहती हैं, शुरुआत में गाना सवाल पूछता है — क्या पता है तुम्हें कैसे रोता है दिल जब दुआ करो और खुदा ना मिले, या कैसे जलता है दिल जब वफादारों से वफा ना मिले, ये लाइन्स एक गहरी निराशा और spiritual doubt को दिखाती हैं।

गाना आगे बढ़ता है और दुनिया की बेरुखी पर चोट करता है, लिरिक्स में कहा गया है — ये दुनिया कहती है वो उसकी मर्जी थी, अगर ये मर्जी है तो मुझे लानत है ऐसे हुस्न पर जिसे छूने वाले हाथ कहीं हों, यहाँ हुस्न यानी beauty को एक curse की तरह देखा गया है, जिसे पाने के बाद भी साथ नहीं मिलता, गाने का किरदार खुद को बिगड़ा हुआ और शराबी बताता है, पर दावा करता है कि वह गुंडा नहीं बस एक कलाकार है, और अब वह किसी के प्यार में वफादार कुत्ता बनना नहीं चाहता।

आखिरी हिस्सों में गाना और गहरा हो जाता है, इसमें प्यार की गुलामी और इज्ज़त के गिरने की बात की गई है, लिरिक्स कहती हैं — प्यार की गुलामी वहाँ होती है जहाँ इज्ज़त गिरती है, और जो तेरे आँसू नहीं समझ सकता, वो तेरी खुशियाँ क्या समझेगा, गाना एक तलाश की भावना भी दिखाता है — चाहे कोई कितना भी खास या दूर हो, सच्चा साथ वही है जो दिल की आवाज़ समझे, और अंत में गाना कहता है कि अब इश्क-मोहब्बत की बातें बेकार लगती हैं, और जो अपना ईमान बेच चुका है, उसके लिए प्यार भी कुछ नहीं बचता, इस तरह "लानत" गाना एक emotional journey है, जो प्यार, धोखा, अकेलापन और आत्म-सम्मान की लड़ाई को बहुत खूबसूरती से बयान करता है।


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