अकेला के बोल | Vishal Mishra की दर्द भरी आवाज़ में Pagalpan एल्बम का मार्मिक गीत। भीड़ में भी अकेलेपन की वो कहानी जो हर किसी के दिल को छू जाती है। लिरिक्स यहाँ पढ़ें।
Akela Lyrics in Hindi – Full Song Lyrics (अकेला)
इतने दिलों में, घर तो है मेरा,
फिर क्यूँ है तन्हाई?
माँगा न जो भी, पाया है वो भी
शोहरत क्यूँ ग़म लाई?
आँखें.. सबसे छुपा के
हूँ मुस्कुराता, सच तो यही है
ऐसे.. सब साथ मेरे,
पर साथ मेरे कोई नहीं।
मिला क्या?
देखो ना, मैं अकेला
मैं अकेला...
मिला क्या?
देखो ना, मैं अकेला
मैं अकेला...
हूँ...हूँ...हूँ..
मैं अकेला...
कितना अकेला..
था मुझे मिला कोई
इक रोज़ फिर हो गया जुदा
दर्द उसके जाने का,
इन आँखों में रह गया छुपा
रिश्ते बनाए, दिल से निभाए,
फिर क्यूँ सज़ा पाई?
अनजान लगती, जाने मुझे क्यूँ?
मेरी ही परछाईं..
मिला क्या?
देखो ना, मैं अकेला
मैं अकेला...
मिला क्या..?
देखो ना, मैं अकेला
मैं अकेला... हूँ...
कैसे बताऊँ मैं?
कह भी न पाऊँ मैं अकेला
क्यूँ हूँ..?
कितना छुपाऊँ मैं?
कितना ही गाऊँ मैं अकेला
क्यूँ हूँ..?
मैं इसे सुनाऊँ, उसे बताऊँ,
बिखर के रोऊँ या भूल जाऊँ?
मैं अकेला रहूँगा, मैं अकेला रहूँगा
तेरी दुआओं का ये सिला है,
मेरी लकीरों में क्यूँ लिखा है?
मैं अकेला रहूँगा, मैं क्यूँ..?
मिला क्या?
देखो ना, मैं अकेला...!
गीतकार: कौशल किशोर, विशाल मिश्रा
About Akela (अकेला) Song
यह गाना "अकेला" (Akela) है, जो Vishal Mishra के पहले album "Pagalpan" से है, और इसे T-Series ने release किया है। इस गाने को Vishal Mishra ने ही गाया और compose किया है, साथ ही lyrics Kaushal Kishore और Vishal Mishra ने लिखे हैं, और music production Vishal Mishra और Ishan Das ने किया है। यह गाना एक ऐसे इंसान की भावनाओं को दर्शाता है, जो दुनिया में सबके बीच होते हुए भी खुद को बहुत अकेला महसूस करता है, गाने की शुरुआत में ही सवाल पूछा गया है कि इतने दिलों में घर होने के बाद भी तन्हाई क्यों है, और शोहरत मिलने पर भी गम क्यों है, यहाँ singer कहता है कि वह सबके सामने मुस्कुराता है, लेकिन असल में उसके साथ कोई नहीं है, और बार-बार दोहराया गया है कि "मिला क्या, देखो ना, मैं अकेला"।
गाने में आगे बताया गया है कि किसी रिश्ते के टूटने का दर्द आँखों में छुपा रह गया है, और singer सवाल करता है कि उसने रिश्ते दिल से निभाए, फिर भी सज़ा क्यों मिली, वह अपनी ही परछाई से अनजान सा लगता है, फिर से अकेलेपन को दोहराते हुए "मैं अकेला" कहा जाता है। अंत में, गाना गहरे emotional struggle को दिखाता है, जहाँ singer पूछता है कि वह अपना दर्द किसे सुनाए, कैसे बताए, चाहे रोए या भूल जाए, वह अकेला ही रहेगा, और यहाँ तक कि वह दुआओं के सिले को भी समझ नहीं पाता, कि उसकी लकीरों में अकेलापन ही क्यों लिखा है, यह गाना loneliness, heartbreak, और inner conflict की powerful expression है, जिसे Vishal Mishra की आवाज़ और composition ने और भी emotional बना दिया है।