पागलपन के लिरिक्स | Vishal Mishra और Reet Talwar की आवाज़ में दर्द और उलझन की दास्तान। प्यार में बिखरते दिल की कहानी। Title track के भावपूर्ण बोल।
Pagalpan Lyrics in Hindi – Full Song Lyrics (पागलपन)
पागलपन में क्या कर बैठे हैं?
जीते जी हम यूँ मर बैठे हैं
साँस मैं लूँ तो साँस न आए
कैसे है जीना? तू ही बता ये
तेरी तरफ ही करके नज़र बैठे हैं
पागलपन में क्या कर बैठे हैं..?
क्या..? कर.. बैठे हैं
पागलपन में क्या कर बैठे हैं?
इतने दूर,
क्यूँ पास नहीं हैं तुमसे..?
दिल को नूर क्यूँ रास नहीं है?
तेरी तरह.. जलती हूँ
अंदर ही अंदर,
आँखों में मेरी हैं सूखे समंदर।
एक को संभालूँ,
एक टूट जाए,
एक को मनाऊँ,
एक रूठ जाए।
यारा देखो, कितने बिखर बैठे हैं
पागलपन में क्या कर बैठे हैं..?
क्या..? कर.. बैठे हैं
पागलपन में क्या कर बैठे हैं?
पागल...पागल...पागल...
साँसें.. साँस मैं लूँ तो...
पागलपन में....
तेरी तरफ ही करके नज़र बैठे हैं
पागलपन में क्या कर.....?
पागलपन में क्या कर....?
साँस मैं लूँ तो....!
👉 In Romanized - Pagalpan Lyrics
गीतकार: कौशल किशोर
About Pagalpan (पागलपन) Song
यह जानकारी Vishal Mishra के पहले album "Pagalpan" के title track "पागलपन" के बारे में है, जो T-Series के तहत release हुआ है। इस गाने को Vishal Mishra ने खुद compose किया और गाया है, lyrics Kaushal Kishore ने लिखे हैं, और female vocals Reet Talwar के हैं, music production भी Vishal Mishra ने किया है।
गाने के lyrics एक deep emotional struggle को दिखाते हैं, जहाँ singer पूछता है "पागलपन में क्या कर बैठे हैं?", यह feeling describe करता है कि जीते-जी वो मर गए हैं, साँस लेना भी मुश्किल हो गया है, और वो सिर्फ अपने प्यार की तरफ ही देखते रह गए हैं। फिर lyrics में दूरी का दर्द है, "इतने दूर, क्यों पास नहीं हैं तुमसे?", और अंदर की जलन को "तेरी तरह जलती हूँ, आँखों में सूखे समंदर" जैसी lines से express किया गया है।
आखिरी हिस्से में confusion और टूटन की feeling को "एक को संभालूँ, एक टूट जाए" कहकर बताया गया है, और गाना बार-बार इसी सवाल के साथ खत्म होता है कि "पागलपन में क्या कर बैठे हैं?"। Overall, यह गाना प्यार में होने वाली उलझन, दर्द और emotional chaos को beautifully capture करता है।