परी लिरिक्स (Pari Lyrics in Hindi) – Vishal Mishra | Pagalpan Album
Pari Lyrics in Hindi – Full Song Lyrics (परी)
बताओ ना ऐ जानेजां
तुम आई हो किधर से?
है जन्नतों से वास्ता
या चाँदनी के घर से?
हो कौन तुम? क्यों जानती हो?
सब जो सोचता हूँ
बदल गई ये किस्मतें
महज़ तेरी फ़िक्र से
एक परी मेरे ख़्वाबों में आती है
मेरी रातों को सुबह बनाती है
उस परी-सी ना जाने
मुझे क्यूँ? लगे तू पिया
वो परी मेरे ख़्वाबों में आते ही
मेरी रातों को सुबह बनाती है
उस परी-सी ना जाने
मुझे क्यूँ? लगे तू पिया
इतर-इतर वो रास्ता
चला है तू जिधर से
है रंगत-ए ये नूर सब
तुम्हारी ही नज़र से
है रोशनी ही रोशनी
तुम्हें जो देखता हूँ
बदल गई ये किस्मतें
महज़ तेरी फ़िक्र से
एक परी मेरे ख़्वाबों में आती है
मेरी रातों को सुबह बनाती है
उस परी-सी ना जाने
मुझे क्यूँ? लगे तू पिया...
वो परी मेरे ख़्वाबों में आते ही
मेरी रातों को सुबह बनाती है
उस परी-सी ना जाने
मुझे क्यूँ? लगे तू पिया..
तू वो ख़्वाब है, जो सच हुआ
तो मर जाएँगे हम,
यूँ ही होगा नहीं
तू मेरा, पर मैं सोचूँ यही
एक दिन मेरे ख़्वाबों से चल कर वो
इस उदासी को हँसना सिखाएगी
जब मिलेगी मेरी वो परी तो
कहूँगा यही....!
गीतकार: अक्षय त्रिपाठी ए.के.एस., विशाल मिश्रा
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