सितारा के बोल | Vishal Mishra के पहले एल्बम Pagalpan का प्रेरक गीत। संघर्ष से सितारा बनने तक का सफर। दर्द से उम्मीद तक की कहानी। पूरे लिरिक्स यहाँ पढ़ें।
Sitara Lyrics in Hindi – Full Song Lyrics (सितारा)
दर्द बोला
तोड़ दूँगा सारी ख्वाहिशें
छोड़ दे तू
मंजिलों के सारे ख्वाबें
तू नहीं है काबिल
ना कर सकेगा हासिल
जो तू सोचता है
क्यूँ? जिद में बेवजह है
मैंने बस दुआ की
और सुनी खुदा की
उसी की रहमतें...
जो...
मैं हुआ सितारा, मैं हुआ सितारा
ओ...
मैं हुआ सितारा, मैं हुआ सितारा
ओ...
मैं हुआ सितारा, मैं हुआ सितारा
ओ...
ओ घर में बोला
कुछ तो कर ले कामकाज तू
बगावतों का
शिकायतों का कर इलाज तू
तू नहीं है काबिल
ना कर सकेगा हासिल
जो तू सोचता है
क्यूँ? जिद में बेवजह है
मैंने बस दुआ की
और सुनी खुदा की
उसी की रहमतें...
जो... ओ...
मैं हुआ सितारा, मैं हुआ सितारा
ओ...
मैं हुआ सितारा, मैं हुआ सितारा
ओ...
मैं हुआ सितारा, मैं हुआ सितारा
ओ...
बिखर गया
जो दर्द था मेरे हिस्से का
है खुद ख़ुदा
क़लम-नवा मेरे किस्से का
बहुत घनी भरी थी
दिन-ओ-रात तन्हाई,
सुबह हुई तो मिट गई
ज़ख्म की परछाई।
दमक उठा वो ख़्वाब,
चमक उठी उम्मीद आई,
हसीन राह इस दुआ पे
झुक के अल-वाई।
बिखर गया
जो दर्द था मेरे हिस्से का
है खुद ख़ुदा
क़लम-नवा मेरे किस्से का
ओ...ओ...ओ...
बिखर गया
जो दर्द था मेरे हिस्से का
है खुद ख़ुदा
क़लम-नवा मेरे किस्से का
👉 In Romanized - Sitara Lyrics
गीतकार: विशाल मिश्रा
About Sitara (सितारा) Song
यह गाना "सितारा", जो Vishal Mishra के पहले album "Pagalpan" का हिस्सा है और T-Series के label से आया है, एक बहुत ही emotional और inspirational गीत है। इसके lyrics में एक संघर्ष और फिर जीत की कहानी है, जहाँ singer अपने दर्द और हार के बारे में बात करता है, lyrics शुरू होते हैं "दर्द बोला, तोड़ दूँगा सारी ख्वाहिशें, छोड़ दे तू मंजिलों के सारे ख्वाबें", यानी जब दर्द बोलता है तो सारी इच्छाएँ और सपने छोड़ने का मन करता है, फिर आता है एक संदेह वाला भाग "तू नहीं है काबिल, ना कर सकेगा हासिल", जैसे कोई उसे हतोत्साहित कर रहा हो कि तुम योग्य नहीं हो और कुछ हासिल नहीं कर पाओगे।
लेकिन गाने का mood बदलता है जब singer कहता है "मैंने बस दुआ की और सुनी खुदा की", और फिर repeated chorus आता है "मैं हुआ सितारा", यहाँ एक turning point है, जहाँ वह अपनी प्रार्थना और faith के बल पर खुद को एक star बनता हुआ महसूस करता है, यह भाग बहुत uplifting है और सुनने वाले को hope देता है। गाने के अगले भाग में, social pressure की बात आती है, "घर में बोला, कुछ तो कर ले कामकाज तू", मतलब घरवालों की उम्मीदें और बगावतों का इलाज करने की बात, फिर वही doubt वाली lines दोहराई जाती हैं, और फिर वही powerful chorus "मैं हुआ सितारा" वापस आता है, जो confidence और self-belief को दिखाता है।
गाने के आखिरी भाग में, lyrics गहरे हो जाते हैं, "बिखर गया जो दर्द था मेरे हिस्से का, है खुद ख़ुदा क़लम-नवा मेरे किस्से का", यहाँ singer कहता है कि उसका दर्द बिखर गया और अब वह खुद अपनी कहानी का लेखक है, फिर वह अंधेरे और तन्हाई के बारे में बताता है, "बहुत घनी भरी थी दिन-ओ-रात तन्हाई", लेकिन सुबह होते ही ज़ख्म की परछाई मिट जाती है, और एक सुंदर राह नज़र आती है, यह पूरा गाना struggle से लेकर success तक की journey को दिखाता है, जहाँ Vishal Mishra का vocal और composition, और Vaibhav Pani का music production, emotions को perfectly capture करता है, और lyrics "दर्द बोला" से शुरू होकर "मैं हुआ सितारा" तक का सफर बहुत ही relatable और motivational बनाते हैं।