सितारा लिरिक्स (Sitara Lyrics in Hindi) – Vishal Mishra | Pagalpan
Sitara Lyrics in Hindi – Full Song Lyrics (सितारा)
दर्द बोला
तोड़ दूँगा सारी ख्वाहिशें
छोड़ दे तू
मंजिलों के सारे ख्वाबें
तू नहीं है काबिल
ना कर सकेगा हासिल
जो तू सोचता है
क्यूँ? जिद में बेवजह है
मैंने बस दुआ की
और सुनी खुदा की
उसी की रहमतें...
जो...
मैं हुआ सितारा, मैं हुआ सितारा
ओ...
मैं हुआ सितारा, मैं हुआ सितारा
ओ...
मैं हुआ सितारा, मैं हुआ सितारा
ओ...
ओ घर में बोला
कुछ तो कर ले कामकाज तू
बगावतों का
शिकायतों का कर इलाज तू
तू नहीं है काबिल
ना कर सकेगा हासिल
जो तू सोचता है
क्यूँ? जिद में बेवजह है
मैंने बस दुआ की
और सुनी खुदा की
उसी की रहमतें...
जो... ओ...
मैं हुआ सितारा, मैं हुआ सितारा
ओ...
मैं हुआ सितारा, मैं हुआ सितारा
ओ...
मैं हुआ सितारा, मैं हुआ सितारा
ओ...
बिखर गया
जो दर्द था मेरे हिस्से का
है खुद ख़ुदा
क़लम-नवा मेरे किस्से का
बहुत घनी भरी थी
दिन-ओ-रात तन्हाई,
सुबह हुई तो मिट गई
ज़ख्म की परछाई।
दमक उठा वो ख़्वाब,
चमक उठी उम्मीद आई,
हसीन राह इस दुआ पे
झुक के अल-वाई।
बिखर गया
जो दर्द था मेरे हिस्से का
है खुद ख़ुदा
क़लम-नवा मेरे किस्से का
ओ...ओ...ओ...
बिखर गया
जो दर्द था मेरे हिस्से का
है खुद ख़ुदा
क़लम-नवा मेरे किस्से का
गीतकार: विशाल मिश्रा
About Sitara (सितारा) Song
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