तेरे जाने से के बोल | Vishal Mishra का दर्द भरा गीत। उनके पहले एल्बम Pagalpan का यह सॉन्ग बिछड़न और अकेलेपन की गहरी भावनाओं को छू लेता है। पूरे लिरिक्स पढ़ें।
Tere Jaane Se Lyrics in Hindi – Full Song Lyrics (तेरे जाने से)
फिर हो गई शाम
तेरा नाम फिर से मैं हूँ लिख रहा
है कैसा मकाम?
जितना लिखूँ मैं, उतना मिट रहा
क्या पता है तुम्हें? बोलो
तेरे जाने से आए कितने ग़म
जानूँ ना कैसे? अब होंगे ये कम
साँसें थोड़ी हैं, आँखें भी हैं नम
जानूँ ना कैसे? अब होंगे ये कम
पीछे पड़े हैं जैसे अँधेरे
आयी जो रात अकेली, घनेरी
कहीं भी अब जाएँ नहीं,
ये जाएँ नहीं
डरने लगे हैं तन्हाइयों से
तुमको पुकारा दोबारा, मैं हारा
मगर तुम आए नहीं,
तुम आए नहीं
कहने को सब यहाँ,
फिर भी खाली जहाँ
ना है तू, ना हूँ मैं,
लापता है कहीं दोनों
तेरे जाने से आए कितने ग़म
जानूँ ना कैसे? अब होंगे ये कम
तेरे जाने से आए कितने ग़म
जानूँ ना कैसे? अब होंगे ये कम
साँसें थोड़ी हैं, आँखें भी हैं नम
जानूँ ना कैसे? अब होंगे ये कम
अब होंगे ये कम
सुबह आयी नहीं
(तेरे जाने से आए कितने ग़म)
सुबह आयी नहीं
(जानूँ ना कैसे? अब होंगे ये कम)
फिर हो गई शाम
👉 In Romanized - Tere Jaane Se Lyrics
गीतकार: विशाल मिश्रा
About Tere Jaane Se (तेरे जाने से) Song
यह गाना "तेरे जाने से" (Tere Jaane Se) है, जो Vishal Mishra के पहले album "Pagalpan" का हिस्सा है, और इसे T-Series ने release किया है, इस गाने के vocal, composition और lyrics भी Vishal Mishra ने ही तैयार किए हैं, साथ ही music production में Darío Barroso, Daniel López Pradas, Vernat और Vishal Mishra का योगदान रहा है।
गाने के lyrics एक deep emotional journey को दर्शाते हैं, जहाँ singer शाम के समय फिर से अपने प्यार का नाम लिख रहा है, लेकिन हर बार लिखने के बाद वह मिट जाता है, यह दर्द और उलझन दिखाता है कि उसके जाने से कितना ग़म आया है, साँसें कम हैं और आँखें नम हैं, और अब यह दर्द कैसे कम होगा, यह समझ नहीं आ रहा।
आगे के हिस्सों में lyrics अकेलेपन और डर को describe करते हैं, जैसे अँधेरे पीछे पड़ गए हैं और रात घनी हो गई है, singer तन्हाइयों से डरने लगा है और बार-बार पुकार रहा है, लेकिन सामने वाला नहीं आ रहा, दुनिया में सब कुछ है, फिर भी सब खाली लगता है, क्योंकि ना वह है और ना ही singer स्वयं, दोनों कहीं गुम हैं, और अंत में यही question दोहराया जाता है कि यह दर्द अब कैसे कम होगा, जबकि सुबह आने का नाम नहीं ले रही और शाम फिर से वापस आ गई है।