तूने देखा दिन मेरा लिरिक्स (The Night Anthem of Kennedy Lyrics in Hindi) – Vishal Dadlani | Kennedy

तूने देखा दिन मेरा के बोल | Kennedy का डार्क नाइट एन्थम। Vishal Dadlani की दमदार आवाज़। शहर की क्रूर सच्चाई, अकेलापन और संघर्ष की दर्द भरी कहानी। The Night Anthem of Kennedy लिरिक्स पढ़ें।

The Night Anthem of Kennedy Song Poster from Kennedy

The Night Anthem of Kennedy Lyrics in Hindi – Full Song Lyrics (तूने देखा दिन मेरा)

वो कहते,
रखा ताज मेरे शहर में,
मैं ढूंढ़ता हर जगह
शाहजहाँ मेरे शहर में।

मैं नास्तिक और वो कहते
मुझे ग़ैर मेरे शहर में,
समंदर काफ़ी गहरा,
कभी देख तू भी तैर के।

ना लंबी-चौड़ी सड़कें,
ना सीधे-सादे लड़के,
हो जाता राड़ा हर दिन
जब यहाँ पे लड़के भड़कें।

जब पड़ती कड़की मुझको,
तो पैसे देखता सबके,
जो वैसे देखता मुझको
दे देता उसको फटके।

मैं देखता सबकी आँखें
अंदर दिखती इनकी जात नहीं।
सवाल ज़्यादा करे नहीं,
पर मिलते हैं जवाब कई।
ये शौक़ वाले लोग फ़र्ज़ी,
रहते हैं नवाब में
वजूद से मैं आगे
लेकिन मौत का कोई इलाज नहीं,
खून, पसीना, पैसा, शोहरत
(???)
हर जगह फैला सन्नाटा
हर जगह फैला है ख़ौफ़,

हाँ मांगता हूँ सुकून मैं थोड़ा,
मिलती है बस झूठी सोगन
इस्तीफ़ा देकर इस दुनिया को
ले चुका हूँ मैं शौगत

तूने देखा दिन मेरा, दिन मेरा
अब आके देखो
कैसे काटूँ काली रातें?
तूने देखा दिन मेरा, दिन मेरा,
अब आके देखो
कैसे काटूँ काली रातें?

तूने देखा दिन मेरा, दिन मेरा
अब आके देखो
कैसे काटूँ काली रातें?
तूने देखा दिन मेरा, दिन मेरा,
ये गहरी काली रातें
आके मुझको काटें

ये रंगों वाला आर्ट,
तू Wack Bro चल वाट,
मैं बस में हर रात,
बस यही मेरे हालात।
मेरे बस में नहीं रात,
मजबूरी की बरसात।
जो छोड़ देती तू हाथ,
हो जाता मैं बर्बाद।

ये मुंबई की कहानी में
सभी मेरे ख़िलाफ़ हैं।
कुछ भी कर लूँ,
बच ना पाऊँ
मेरे सर पे सौ बाप हैं।
मेरे घर में ही साँप है,
मुझे चुभती हैं साँसें,
मुझे डस मत तू पाँव पे,
मेरे ज़ख्म देख के काँपते।

दरिया के किनारे रखे
पत्थर काले-काले,
और दिल भी मेरा काला
यहाँ पे गंदे काले नाले
निकले वहाँ से लाशें
जैसे बदला लेने आ रहे
और सर पे इतने भूत,
खुद से खुद को तू बचा रे,
जो दोनों आँखों से अंधे
वो तुझको रास्ता दिखा रहे।

जो माँगे तेरा खून
वो चुनाव जीत'ते जा रहे।
तू पूजा जिनकी करता
वो तुझको ही भूलते जा रहे।

जितना शहर डूबता जा रहा,
उतना नेता जी कमा रहे
चल छोड़ सारे लफड़े,
तू मंडी पे मिलने आ रे,
झाँसा देकर वो तुझको
मुँह से छीन लेते निवाले।

ऊपर खामखां मैं देखता,
जबकि शहर में ही सितारे,
सब लगता लाजवाब
जब गांधी के हैं पिटारे।
व्हाट 

तूने देखा दिन मेरा, दिन मेरा
अब आके देखो
कैसे काटूँ काली रातें?
तूने देखा दिन मेरा, दिन मेरा,
ये गहरी काली रातें
आके मुझको काटें

तूने देखा दिन मेरा, दिन मेरा
अब आके देखो
कैसे काटूँ काली रातें?
तूने देखा दिन मेरा, दिन मेरा
अब आके देखो
कैसे काटूँ काली रातें?

तूने देखा दिन मेरा, दिन मेरा
ये काली काली काली काली
काली रातें
काली काली काली काली
काली रातें
तूने देखा दिन मेरा, दिन मेरा
तूने देखा दिन मेरा, दिन मेरा
तूने देखा दिन मेरा, दिन मेरा
तूने देखा दिन मेरा, दिन मेरा....!

गीतकार: बॉयब्लैंक, शाश्वत द्विवेदी


About The Night Anthem of Kennedy (तूने देखा दिन मेरा) Song

यह गाना "तूने देखा दिन मेरा" movie Kennedy का The Night Anthem है, जिसे Vishal Dadlani ने गाया है और Boyblanck & Shashwat Dwivedi ने compose और लिखा है, यह गाना Zee Music Company पर उपलब्ध है। 
इसकी lyrics एक शहरी संघर्ष और अकेलेपन की कहानी बताती हैं, जहाँ singer अपने शहर में एक ताज की तलाश करता है, लेकिन खुद को अजनबी महसूस करता है, वह कहता है कि वह नास्तिक है और शहर उसे गैर समझता है, lyrics में समंदर की गहराई और तैरने की चुनौती का जिक्र है, जो जीवन के कठिन अनुभवों को दर्शाता है। 
गाने में शहर की कठिनाइयाँ दिखती हैं, जैसे लड़ाई-झगड़े, पैसे की मजबूरी, और लोगों की नकली शान, singer कहता है कि वह सबकी आँखें देखता है, पर अंदर से उनकी जात नहीं दिखती, उसे सुकून की तलाश है, लेकिन झूठी सोगन मिलती है, और उसने दुनिया को इस्तीफा देकर शौगत ले ली है। 

गाने का मुख्य भाग "तूने देखा दिन मेरा" दोहराया जाता है, जहाँ singer सवाल करता है कि अब काली रातें कैसे काटूँ, यह उसकी अंधेरी और उदास स्थिति को दर्शाता है, lyrics में Mumbai की कहानी आती है, जहाँ सब उसके खिलाफ हैं, उसे लगता है कि उसके सर पर सौ बाप हैं, और उसके घर में ही साँप है, वह डर और खौफ में जी रहा है, गाने में दरिया के किनारे काले पत्थर और गंदे नालों का वर्णन है, जहाँ से लाशें निकलती हैं, यह शहर की क्रूर वास्तविकता को दिखाता है। 

अंत में, गाना समाज पर तीखा व्यंग्य करता है, जहाँ जो खून माँगते हैं वो चुनाव जीत रहे हैं, और जिनकी पूजा करते हैं वो भूलते जा रहे हैं, singer कहता है कि जितना शहर डूब रहा है, उतना नेता कमा रहे हैं, वह ऊपर आसमान देखता है, जबकि शहर में ही सितारे हैं, और गांधी के पिटारे लाजवाब लगते हैं, पूरा गाना एक गहरी, काली रात की तरह है, जो singer को काटती है, और यह Kennedy film के dark और intense mood को perfectly capture करता है।


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